विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने द्विपक्षीय सहयोग और भारत के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के मकसद के तहत संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर आठ देशों के अपने समकक्षों के साथ बैठक की।
उन्होंने ट्यूनीशिया, बहरीन, लातविया, मैक्सिको, नार्वे, बेल्जियम, संयुक्त अरब अमीरात और डेनमार्क के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कहा, ‘वार्ता मुख्य रूप से द्विपक्षीय सहयोग पर केंद्रित थी।
उन्होंने कहा आर्थिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए बहुत सी चर्चाएं की गईं। भविष्य में फार्मा, वस्त्र, जैव प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग करने पर चर्चा की गई है।
बैठक के दौरान सुषमा स्वराज ने ट्यूनीशिया के विदेश मंत्री खेमेइस झिनाओई से कहा कि वह 30-31 अक्टूबर को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच होने वाली संयुक्त आयोग की अगली बैठक का इंतजार कर रही हैं। रवीश कुमार के मुताबिक, सुषमा स्वराज ने यह देखा कि भारतीय फर्मा उत्पादों खासकर टीकों को ट्यूनीशिया में बड़े पैमाने पर निर्यात किया जा सकता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय फार्मा दवाओं की दरें प्रतिस्पर्धात्मक हैं। डेनमार्क के विदेश मंत्री एंडर्स सैमुअलसन के साथ मुलाकात में अगली संयुक्त आयोग की बैठक की तारीख तय करने पर चर्चा की गई। डेनमार्क नवंबर के पहले हफ्ते में होने जा रहे वर्ल्ड फूड इंडिया एक्स्ट्रावेगेंजा में भी भागीदारी कर रहा है। सुषमा स्वराज ने भारत में निवेश के लिए भी डेनमार्क को आमंत्रित किया है।