पाकिस्तान के संदर्भ में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को कहा कि धमकियों और वारदातों में इजाफे से दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरता खतरे पड़ गई है। स्वराज ने यह बात संयुक्त राष्ट्र महासभा के 72वें सत्र के इतर कही।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय समृद्धि, संपर्क और सहयोग केवल शांति और सुरक्षा के वातावरण में ही हो सकता है। दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में अपना वक्तव्य रखते हुए स्वराज ने कहा इस क्षेत्र में गंभीर खतरा बना हुआ है।
धमकियों और हमलों की बढ़ रही घटनाएं दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरता को खतरे में डाल रहे हैं। हमारे क्षेत्र के अस्तित्व के लिए आवश्यक है कि बगैर किसी भेदभाव के हम आतंकवाद के सभी प्रारूपों को अलग-थलग करें और उनके समर्थन के पारिस्थितिक तंत्र को खत्म करें।’
स्वराज ने कहा कि ‘पहले पड़ोस नीति’ के तहत भारत क्षेत्र के विकास और समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस क्षेत्र के लिए कई प्रस्तावों की घोषणा की और इसका क्रियान्वयन भी हो चुका है। इससे पहले भी स्वराज कई बहुपक्षीय बैठकों में आतंकवाद के मसलों को उठाते रही हैं और पाकिस्तान को कड़ा संदेश देती रही हैं कि वह आतंकवाद को राष्ट्रनीति के रूप में इस्तेमाल करना बंद करे।