राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि विदेशी कर्मचारी योग्यता या कौशल आधारित आव्रजन प्रणाली के माध्यम से अमेरिका आएं ताकि अमेरिकी कंपनियों की मांग पूरी की जा सके। वर्तमान आव्रजन प्रणाली का सबसे ज्यादा प्रभाव भारतीय-अमेरीकी पर पड़ रहा है, जो मुख्य रूप से एच-1 बी कार्य वीजा पर अमेरिका आते हैं। इनमें से अधिकतर उच्च कौशल प्राप्त पेशेवर होते हैं। स्थानीय निवास या ग्रीन कार्ड आवंटन में सात प्रतिशत प्रति देश के कोटा से सबसे बुरा असर इन्हीं पर पड़ रहा है।
ट्रंप ने अमेरिकी सांसदों के साथ लंच के दौरान व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, मैं चाहता हूं लोग हमारे देश में आएं क्योंकि हमारा देश अच्छा कर रहा है। देश में ही हमारी कंपनियों की संख्या बढ़ रही है, लंबे समय में ऐसा उछाल नहीं देखा गया। हमें श्रमिकों की जरूरत है। इसलिए, मैं चाहता हूं कि लोग यहां आएं। उन्हें योग्यता आधारित प्रणाली के माध्यम से आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को यहां आना होगा ताकि वे हमारे देश और कंपनियों की मदद कर सकें।
उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद ट्रंप ने आव्रजन मामले से जुड़े एक प्रश्न के जवाब में यह बात कही। दरअसल, अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने आठ मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले लोगों की यात्रा पर प्रतिबंध के ट्रंप के फैसले को बरकार रखा है।
ट्रंप ने कहा कि वह लोगों के अमेरिका आने के खिलाफ नहीं हैं लेकिन वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि उन्हें योग्यता आधारित प्रणाली के माध्यम से कानूनी रूप से आना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत जैसे देशों को फायदा होगा।