जल्द ही वह दिन आएगा जब आपको सफर करने के लिए हवाई जहाज में किसी आईडेंटिटी कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप अपने चेहरे या फिंगरप्रिंट के सहारे ही यात्रा कर सकेंगे। दरअसल हवाई जहाज कंपनियों ने बायोमेट्रिक्स आईडी की टेस्टींग का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
इसमें कंपनियां आपके फेसियल रिकॉग्नाइजेशन, रेटीना स्कैन और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करेगी। कंपनियां एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही है। साथ ही इससे यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। अगर यह प्रक्रिया लागू हो जाती है तो यात्रियों को सुरक्षा जांच में लगने वाले लंबे समय से निजात मिलेगा।
जेट ब्लू एयरवेज ने इस बात की घोषणा कि वह जल्द ही यात्रियों की आईडी जांचने के लिए इस प्रक्रिया का इस्तेमाल शुरु कर देगी। शुरुआत में इसे बोस्टन लोगन एयरपोर्ट और क्विन बिट्रिक्स अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट एरोबा की बीच की यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब एयरलाइन कंपनियों ने बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल किया है। इससे पहले 2014 में अलास्का की सेटल बेस्ड एयरलाइन ने फिंगरप्रिंट स्कैनर की शुरुआत की थी।