संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सीरिया मुद्दे का हल निकालने में सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों की विफलता पर गुरुवार को चिंता जताई है। उन्होंने जोर दिया कि सीरिया की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है। संयुक्त राष्ट्र ने सीरियाई नागरिकों के खिलाफ कथित रासायनिक हमले पर चेतावनी देते हुए दुनिया को आगाह किया कि इस संकट को जल्द खत्म करने की जरूरत है ताकि हालात बेकाबू न हो जाएं।
सीरिया के डूमा शहर में गत सप्ताहांत रासायनिक हमले के जवाब में कोई सहमति नही बन पाने पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की यह टिप्पणी सामने आई है। गुटेरेस ने कहा कि मैं परिषद की कार्रवाई पर बारीकी से नजर रख रहा हूं। मैंने पांचों स्थायी सदस्यों (अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन व चीन) के राजदूतों को इस पर चर्चा के लिए बुलाया है, ताकि सीरिया में हालातों को नियंत्रण के बाहर होने से बचाया जा सके। संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया संकट पर चर्चा के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है, जबकि ब्रिटेन ने भी इस मसले पर आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका कथित रासायनिक हमलों के जवाब में बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। जबकि लेबनान में कार्यरत रूस के राजदूत ने कहा कि यदि अमेरिका ने सीरिया पर हमला किया तो उसे खत्म कर दिया जाएगा। गुटेरेस ने कहा कि हमारी कोशिश सीरियाई लोगों को आतंक के चंगुल से मुक्त कराना है। इस बीच वाशिंगटन और मास्को के बीच सीरिया को लेकर तनाव बढ़ गया है।
सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं ट्रंप : व्हाइट हाउस
सीरिया पर रासायनिक हमलों को लेकर अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते टकराव के बीच व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप सीरिया के संबंध में सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। व्हाइट हाउस प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने यह जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल सैन्य प्रतिक्रिया के बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अभी कोई टाइमटेबल नहीं बनाया है।
रूसी सेना के अधिकारी द्वारा सीरिया में रासायनिक हमलों के लिए विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराने के जवाब में व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा कि खुफिया अधिकारियों ने अलग ही तस्वीर सामने रखी है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने भी रासायनिक हमलों के लिए रूस और सीरियाई शासन को जिम्मेदार ठहराया है।