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डेंगू-चिकनगुनिया के बाद ‘मायरो’ का फैलाव

Thu, 22 Sep 2016 04:46 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ फ्लोरिडा
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भारत और अफ्रीका समेत दुनिया के कई देशों में मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी डेंगू, चिकनगुनिया और जीका के वायरस का अभी खात्मा भी नहीं हो पाया है कि वैज्ञानिकों ने एक और नये वायरस की पहचान कर ली है। ‘मायरो’ नामक यह वायरस भी मच्छर के काटने से फैलता है और यह चिकनगुनिया वायरस से ही संबंधित है। डॉक्टरों ने पाया कि ‘मायरो’ संक्रमण के चलते भी तेज बुखार और पेट में तेज दर्द होने लगता है।
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कैरेबियाई देश हैती के एक गांव में 8 साल के बच्चे के खून के नमूने में यह नया वायरस पाया गया है। ‘मायरो’ वायरस को सबसे पहले त्रिनिदाद में 1954 में खोजा गया था। लंबे समय तक यह वायरस अमेजान के इलाके में ही सीमित रहा, लेकिन धीरे-धीरे यह बोल्विया, ब्राजील, कोलंबिया, पेरु, गुयाना और सूरीनाम में फैलती गई।

वर्ष 2000 में यह वायरस दक्षिण अमेरिका से आगे वेनेजुएला में भी दर्ज किया गया। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा की रिसर्च टीम के मुताबिक यही वायरस अब और भी आगे का रुख करते हुए उत्तर दिशा की तरफ बढ़ रहा है। इस वायरस की फाइंडिंग्स को हाल ही में ‘इमर्जिंग इंफेक्शन डिसीज’ नामक जर्नल में विस्तार से प्रकाशित किया गया है।
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खतरनाक हो सकते हैं परिणाम

- फोटो : Reuters
हालांकि यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डॉ. ग्लेन मॉरिस ने उम्मीद जताई कि मायरो वायरस डेंगू, चिकनगुनिया के समान महामारी नहीं बनेगा, लेकिन यह सब इसके भविष्य में होने वाले प्रसार की मॉनीटरिंग पर निर्भर करेगा।

यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के वैज्ञानिक जॉन लेडनिकी ने कहा कि अधिकारियों को मायरो वायरस के फैलाव को अपनी शीर्ष प्राथमिकता देना होगी। अन्यथा कहीं ऐसा न हो कि जीका वायरस को नजरअंदाज करने का जो परिणाम दुनिया के सामने आया वही अब मायरो वायरस के रूप में सामने आ जाए।

‘चिकनगुनिया’ और ‘मायरो’ के लक्षणों में अंतर
मुख्यतया ‘मायरो’ नामक वायरस ‘चिकनगुनिया’ से ही संबंधित है। दोनों ही प्रकार के संक्रमण में शरीर के जोड़ों के भीतर तेज दर्द और बुखार आता है। लेकिन मायरो वायरस जोड़ों के अलावा पेट में भी तेज दर्द पैदा करता है। साथ ही इसमें हर पांच मिनट में बाथरूम भागने की जरूरत भी महसूस होती है, लेकिन दर्द इतना तेज होता है कि रोगी वहां तक पहुंच ही नहीं पाता है।
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