भारतीय-
अमेरिकी बच्ची
शेरिन मैथ्यूज को गोद लेने वाले माता-पिता ने अपनी चार वर्षीय जैविक बेटी पर से अपना अधिकार छोड़ दिया है। उसे अब अपने माता-पिता के साथ जेल में रहने की जगह अपने परिवार के साथ रहना होगा। दंपती पर शेरिन की हत्या का आरोप है और उसकी लाश डल्लास में एक पुल नीचे मिली थी।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, चाइल्ड प्रोटेक्टिव सर्विस (सीपीएस) की निर्धारित आखिरी सुनवाई के दौरान शुक्रवार को वेस्ली और सिमी मैथ्यूज ने अपनी जैविक बच्ची पर अपना अधिकार छोड़ने वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किया। शेरिन के गायब होने के दो दिन बाद 9 अक्तूबर को सीपीएस अधिकारियों ने मैथ्यूज के रिचर्डसन में स्थित घर से हटा दिया था। वहीं दो हफ्ते बाद शेरिन का शव घर के पास स्थित पुल में मिला था। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में पता चला था कि शेरिन की मौत हिंसा के कारण हुई थी।
शेरिन की मौत के मामले में 37 वर्षीय वेस्ली पर ऐसी हत्या का आरोप लगाया गया है जिसमें मौत की सजा मिलती है। वहीं 35 वर्षीय सिनी पर अपने पति के अपराध को छुपाने का आरोप लगा है।