मील का पत्थर माने जा रहे एक डिजिटल निजता मामले की सुनवाई करते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों के बिना कानूनी वारंट जारी कराए मोबाइल फोन का ब्योरा लेने पर रोक लगा दी।
शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संदिग्धों का ब्योरा टेलिकॉम कंपनियों से लेने से पहले पुलिस को वारंट दिखाना होगा। देश की सर्वोच्च अदालत ने एक 5-4 निर्णय में कहा, सेलफोन का ब्योरा बिना कारण की छापेमारी और जब्त करने के मामले रोकने के लिए किए गए चौथे संशोधन के तहत सुरक्षित किया गया है।
ये मामला तब शुरू हुआ था, जब पुलिस ने एक डकैती के संदिग्ध के मोबाइल फोन के लोकेशन की जानकारी बिना किसी वारंट के हासिल की थी।