तुर्की के विफल तख्तापलट के लिए अमेरिका पर आरोप लगाने के बाद, बराक ओबामा ने तख्तापलट के प्रयासों में अमेरिका की भूमिका से इंकार किया है। न्यूज कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने कहा,' तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान से हुई बातचीत में उन्हें बताया था कि, अमेरिका को तुर्की में हुए विफल तख्तापलट की पहले से कोई जानकारी नहीं थी।'
ओबामा ने कहा,'ऐसी कोई भी रिपोर्ट जो यह बताती है कि अमेरिका को तुर्की के तख्तापलट की पहले से जानकारी थी पूरी तरह गलत है और स्पष्ट रूप से झूठ है।' ओबामा ने यह स्पष्टीकरण इसलिए दिया है क्योंकि कुछ दिन पहले तुर्की के लेबर मिनिस्टर सुलेमान सोयलू जो एर्दोगान के करीबी माने जाते हैं, उन्होंने आरोप लगाया था कि,'तुर्की में तख्तापलट की कोशिश के पीछे अमेरिका का हाथ था।'
हालांकि इस चर्चा ने इसलिए जोर पकड़ा है, क्योंकि तुर्की ने जिस धार्मिक नेता फतुल्लाह गुलेन पर तुर्की सरकार का तख्तापलट करने का आरोप लगाया है, उस नेता ने अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में शरण ली हुई है।
विफल तख्तापलट के बाद से तुर्की ने अमेरिका से फतुल्ला गुलेन के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया था। लेकिन अमेरिका ने कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से जाएंगे उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेंगे।