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ये हैं ट्रंप के वो 7 वादे जो अब चुनावी जुमले बन गए

Thu, 24 Nov 2016 04:03 PM IST
बीबीसी
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डोनल्ड ट्रंप ने चुनावी कैंपेन में वादों की झड़ी लगा दी थी। अमरीका में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी और मेक्सिको की सीमा पर दीवार खड़ी करने के वादे काफी विवादास्पद रहे थे। अब ट्रंप और उनकी टीम सत्ता संभालने की तैयारी कर रही है। ऐसे में ट्रंप ने कई अहम मुद्दों पर अपना रुख बदला है।
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ये हैं कुछ अहम मुद्दे जिन पर ट्रंप का रुख बदला है :

चुनाव प्रचार के दौरान- ट्रंप ने अपनी रैली में हिलेरी क्लिंटन को 'जेल में बंद' करने की बात कही थी। अमरीका की विदेश मंत्री रहने के दौरान हिलेरी क्लिंटन द्वारा प्राइवेट ईमेल सर्विस का इस्तेमाल करने के मामले में ट्रंप उन्हें जेल भेजना चाहते थे। चुनावी बहस के दौरान उन्होंने क्लिंटन से कहा था, ''यदि मैं जीत हासिल करता हूं तो अटॉर्नी जनरल को इस मामले की जांच करने का निर्देश दूंगा।''

चुनाव जीतने के बाद- अब इस मामले में ट्रंप का रुख बदल गया है। ट्रंप का कहना है कि उनकी और भी प्राथमिकताएं हैं और उन्होंने इस मामले में कोई निर्देश नहीं दिया है। 22 नवंबर को उनके प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में अब कोई नई जांच नहीं होगी।
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दीवार बनाने में जो लागत आएगी उसका मेक्सिको को भी भुगतान करना होगा

चुनाव प्रचार के दौरान- ट्रंप ने चुनावी कैंपेन के दौरान ओबामाकेयर पर बेहद तीखा हमला बोला था। इसके तहत उन 15 प्रतिशत अमरीकियों को हेल्थ केयर मुहैया करायी जा रही है जिनके पास कोई हेल्थ इंशयोरेंस नहीं है। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसके तहत हेल्थकेयर के दायरे को बढ़ा दिया था। रिपब्लिकन्स ने इसे नौकरियों को खत्म करने वाला कदम करार दिया था।

चुनाव जीतने के बाद- दो दिन बाद ही इस पर उनका रुख नरम हो गया। अब उनका कहना है कि इस मामले में वह पूरे कानून पर ओबामा के साथ बैठक कर फैसला लेंगे।
चुनाव प्रचार के दौरान- ट्रंप ने अमरीका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने का वादा कर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। यह ट्रंप का सबसे विवादित बयान रहा था। उन्होंने कहा था कि दीवार बनाने में जो लागत आएगी उसका मेक्सिको को भी भुगतान करना होगा।

चुनाव जीतने के बाद- ट्रंप का इस मामले में अब रुख नरम पड़ा है। उन्होंने कहा है कि सीमा के कुछ हिस्से की बाड़ के जरिए घेरेबंदी होगी। इस मामले में ट्रंप के एक समर्थक न्यूट गिंगरिच ने कहा कि यह केवल चुनाव जीतने के लिए था। उनके बारे में कहा जा रहा है कि वह अगले विदेश मंत्री हो सकते हैं। हालांकि ट्रंप की वेबसाइट पर अब भी मेक्सिको सरहद पर दीवार बनाने की बात है।

हर एक अवैध प्रवासी को अमरीका छोड़ना होगा

चुनाव प्रचार के दौरान- ट्रंप ने अमरीका में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की बात कही थी। हालांकि इस मामले में वह राष्ट्रपति उम्मीदवार बनते ही नरम पड़ गए थे। दिसबंर 2015 में एक चुनावी कैंपेन में ट्रंप ने अमरीका में मुसलमानों के आने पर स्थायी नीति अपनाए जाने तक संपूर्ण बैन की बात कही थी। अगस्त, 2016 में ट्रंप ने कहा कि वह प्रवासियों की वैधता की जांच करेंगे।
चुनाव जीतने के बाद- ट्रंप की वेबसाइट पर इमिग्रेशन सेक्शन में अब इस बात का जिक्र नहीं है।

चुनाव प्रचार के दौरान-ट्रंप अपने समर्थकों से लगातार कहते रहे कि हर एक अवैध प्रवासी को अमरीका छोड़ना होगा।
चुनाव जीतने के बाद- इस मामले में भी ट्रंप का रुख नरम पड़ा है। हालांकि उन्होंने कहा है कि 30 लाख वैसे प्रवासियों पर कार्रवाई की जाएगी जो अपराधी हैं, जिनके आपराधिक रिकॉर्ड हैं, गैंग मेंबर हैं या फिर ड्रग डीलर्स हैं। हालांकि अमरीका के एक थिंक टैंक का कहना है कि इनकी संख्या 30 लाख नहीं बल्कि 890,000 है और इनमें वो भी हैं जो अवैध रूप से सीमा पार कर अमरीका पहुंचे थे।

चुनाव प्रचार के दौरान-ट्रंप पहले जलवायु परिवर्तन के मुद्दे की खिल्ली उड़ाते थे। वह चाहते थे कि यूएन को दिये जाने वाले पेमेंट प्रोग्राम को रद्द कर दिया जाए। इसके साथ ही वह यह भी चाहते थे कि कोयले के उत्पादन की तय सीमा को खत्म किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पैरिस समझौतो से पीछे हटने के भी संकेत दिए थे।

चुनाव जीतने के बाद: राष्ट्रपति चुने जाने के बाद ट्रंप ने जलवायु परविर्तन पर नरम रुख अपनाते हुए उस चुनौती को समझने की बात कही है। उन्होंने कहा, ''मैं इसे बेहद करीब से देख रहा हूं। इस मामले में मैं बिल्कुल खुले मन से चीजों को समझ रहा हूं।'' उन्होंने यह बात न्यूयॉर्क टाइम्स से कही।

सुप्रीम कोर्ट में ऐसे जज का चुनाव करेंगे जो समलैंगिक विवाह को खत्म करे

चुनाव प्रचार के दौरान: ट्रंप ने वादा किया था कि वह सुप्रीम कोर्ट में ऐसे जज का चुनाव करेंगे जो समलैंगिक विवाह को खत्म करे। उन्होने कहा था कि यह फैसला राज्य दर राज्य लिया जाएगा।
चुनाव जीतने के बाद: अब रिपब्लिकन का कहना है कि यह मुद्दा अप्रासंगिक है क्योंकि यह कोर्ट में पहले ही निपट चुका है।

 
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दो ऐसे मामले जहाँ ट्रंप नरम नहीं पड़े

दो ऐसे मामले थे जहाँ ट्रंप नरम नहीं पड़े।
गर्भपात के मामले में उन्होंने कहा कि वे जीवन के पक्ष में हैं और वह भविष्य में सुप्रीम कोर्ट में इसी तरह की नियुक्तियां करेंगे। इसका मतलब यह है कि आने वाले वक्त में अमरीका में गर्भपात पर आने वाले फैसलों पर भी असर हो सकता है।
ट्रंप ट्रांस पैसिफिक पार्टनर्शिप (टीपीपी) को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह ऑफिस संभालते ही टीपीपी को खत्म कर देंगे। ट्रंप ऑफिस संभालने के बाद पहले 100 दिनों की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे।

  
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