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अमेरिका में वांछित प्रकाशानंद भारत भागे

Wed, 26 Sep 2012 11:56 PM IST
ह्यूस्टन/एजेंसी
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अमेरिका में दो युवा लड़कियों से छेड़छाड़ करने के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से फरार भारतीय आध्यात्मिक गुरु शायद भारत भाग गए हैं। अदालत को बताया गया कि अमेरिकी मार्शलों को अब भी उनकी तलाश है। अमेरिकी मार्शलों को संदेह है कि अपने भक्तों में स्वामी जी के नाम से पहचाने जाने वाले 83 वर्षीय प्रकाशानंद सरस्वती अपने करीबी सहायकों की साठगांठ से अमेरिका से फरार हो गए हों।
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दो लड़कियों से छेड़खानी के 20 आरोपों को लेकर मार्च 2011 में टेक्सास में हेज काउंटी के जूरी की ओर से दोषी ठहराए जाने के कुछ ही दिनों बाद से प्रकाशानंद लापता हैं। एक जज ने प्रत्येक आरोप के लिए उनकी अनुपस्थिति में ही उन्हें 14 साल के कारावास की सजा सुनाई और गुरु का 12 लाख डॉलर का बांड और प्रॉमिसरी नोट भी जब्त कर लिया है।

अदालत में दाखिल नए दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि व्हील चेयर के सहारे आने जाने वाले प्रकाशानंद संभवतऱ् जमानत मिलने के दो दिन बाद ही मैक्सिको चले गए और भारत जाने के लिए उन्होंने अपने श्रद्धालुओं के नेटवर्क का इस्तेमाल किया होगा। 18 महीने बाद अब भी संघीय अधिकारी इस गुत्थी को सुलझा रहे हैं कि कैसे वह देश के बाहर चले गए और किसने उनकी मदद की।
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प्रकाशानंद का पता लगाने के लिए जांच का नेतृत्व कर रहे डिप्टी अमेरिकी मार्शल रॉबर्ट मारकम ने कहा कि लापता स्वयंभू स्वामी ने टेक्सास, पेंसिलवानिया, कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा में अपने धार्मिक अनुयायियों की मदद से उड़ान पकड़ी। उन्होंने कहा कि जहां तक फरार लोगों का सवाल है तो यह सर्वाधिक कुशल योजना है जिसे मैंने देखा है। उन्होंने जो कुछ भी किया उसको लेकर वह बेहद स्मार्ट थे।

मारकम ने कहा कि यह संभावना है कि गुरु के कुछ अनुयायी भगोड़े को शरण देने, सहायता करने और उकसावा देने और सरकारी एजेंट के समक्ष झूठा बयान देने के लिए आरोपित किए जा सकते हैं। गुरु के अनुयायियों ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों की ओर से गिरफ्तार करने से बचने के लिए कैसे उन्हें देश भर में घुमाया इसका ब्यौरा अदालत में हाल में दाखिल किए गए दस्तावेज में दिया गया है। जिस एक लड़की का गुरु ने चुंबन लिया था और उसके साथ छेड़खानी की थी उसने कहा कि उनका भारत भागना उनके खिलाफ मामले को कारगर तरीके से खत्म करता है। उसने कहा कि मुझे लगता है कि दरवाजे बंद हो चुके हैं। उसने कहा कि और कुछ करने की आवश्यकता नहीं है।
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