20 जनवरी को अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप आज पहली बार अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे। ट्रंप संसद में अपने सरकार के अबतक के कामकाज का ब्यौरा देंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की संघीय एजेंसियों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट बनाने को लेकर रक्षा मंत्रालय का खर्च तेजी से बढ़ाने और घरेलू मामलों में कटौती करने के निर्देश देंगे।
वहीं विपक्षी दलों ने पहली बार संसद को संबोधित करने जा रहे ट्रंप को घेरने की पूरी तैयार कर ली है। कुछ विपक्षी सांसद तो ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रहें हैं। अगर विपक्षी सांसद, महाभियोग लाने में कामयाब हो गए तो अमेरिकी इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब इतने कम समय में किसी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव आया हो। बता दें कि इससे पहले अमेरिका में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के खिलाफ अमेरिकी संसद में महाभियोग लाया गया था।
ट्रंप को हटाने के लिए ‘जादू-टोना’ कर रहे अमेरिकी
यूं तो अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोधी व्हाइट हाउस की सत्ता बदलने के लिए चार साल के इंतजार में हैं, लेकिन तंत्र-मंत्र पर विश्वास रखने वाले यहां के लोग अब भी ट्रंप को राष्ट्रपति की कुर्सी से हटाने के लिए प्रयासरत हैं। वे ‘जादू-टोना’ का सहारा ले रही हैं। बीबीसी की खबर के मुताबिक, बीते शुक्रवार को यहां के कुछ लोगों ने ‘सामूहिक अनुष्ठान’ किया।
दिलचस्प बात यह है कि ऐसे लोगों का सोशल साइटों पर एक ग्रुप भी बना हुआ है। फेसबुक पर इस ‘सामूहिक जादू-टोने’ के ग्रुप से अब तक दस हजार से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। इस सिलसिले में #मैजिकरेस्सिटेंस का हैशटैग भी चलाया जा रहा है। उधर इस सामूहिक जादू-टोने से रूढ़िवादी ईसाई खफा हैं। उन्होंने ‘डायनों’ पर आध्यात्मिक युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया है।
सामूहिक जादू टोना का आयोजन यहां के लेखक माइकल हजेस ने किया था। उन्होंने बाकायदा इसका वीडियो भी पोस्ट किया है। हजेस ने लिखा कि उन्होंने ‘जादू-टोने’ से जुड़े कई निजी समूहों में ऐसे तमाम वीडियो देखे हैं। वीडियो में देवताओं से डोनाल्ड ट्रंप को ‘बांधने’ का आग्रह किया गया है। अनुष्ठान के दौरान लोग कह रहे थे, ‘ट्रंप अपने कपटी कारनामों में सफल न हो। वह हमारी राजनीति को न तोड़ पाए। आजादी को न छीन सके और लोगों में नफरत, असमंजस, डर तथा उदासी न फैला सके।’
लोगों ने कहा कि ट्रंप के राष्ट्रपति पद छोड़ने तक अनुष्ठान चलता रहेगा। उधर रूढ़िवादी ईसाइयों ने ट्रंप की सलामती के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। पादरी जोसुआ फ्यूरेस्टीन ने कहा कि यह जादू-टोना ईसा मसीह के नाम से ज्यादा ताकतवर नहीं है। क्रिश्चियन नेशनलिस्ट एलायंस ने लोगों से 24 फरवरी को सामूहिक प्रार्थनाएं करने के लिए कहा था। हालांकि अभी तक ट्रंप की ओर से इस पर किसी तरह का बयान नहीं आया है।