अमरीकी राष्ट्रपति बनने के बाद राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए जिस कदम का आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है, वह है एकतरफा कार्यकारी आदेश जारी करना। विधेयक पारित होने में समय लग सकता है। लेकिन व्हाइट हाउस में बैठे बैठे कलम के एक झटके से सरकार की नीतियों में बड़ा फेरबदल करना मुमकिन है। डोनल्ड ट्रंप ने समय जाया किए बगैर राष्ट्रपति बनते ही एक बाद एक, कई कार्यकारी आदेश जारी कर दिए।
ट्रंप ने सीमा सुरक्षा से जुड़े दो कार्यकारी आदेशों पर दस्तखत कर दिए हैं। पहले कार्यकारी आदेश में मेक्सिको सीमा पर 'अभेद्य, मजबूत, लंबी दीवार' खड़ी करने की बात कही गई है। दूसरे आदेश में 10,000 आप्रवासन अधिकारियों को नियुक्त करने की बात कही गई है। यह भी कहा गया है कि जो शहर बिना वैध दस्तावेजों के आने वाले आप्रवासियों को निर्वासित करने से इनकार करेंगे, उनको मिलने वाला केंद्रीय अनुदान रोक दिया जाएगा।
दो आदेश, दो पाइपलाइन
नए राष्ट्रपति ने दो विवादित पाइपलाइनों के निर्माण से जुड़े दो कार्यकारी आदेशों पर दस्तखत किए हैं। ये पाइपलाइन हैं कीस्टोन एक्सएल और डकोटा एक्सेस। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बनाने की शर्तों पर फिर से बातचीत होनी चाहिए।कनाडा से अमरीकी तट तक तेल लाने वाली पाइपलाइन कीस्टोन एक्सेस के निर्माण पर रोक तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2015 में लगा दी थी। कहा गया था कि इससे जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा।
उत्तर डकोटा में स्टैंडिग रॉक सूज इलाके में मूल निवासियों के विरोध की वजह से डकोटा एक्सेस पाइपलाइन के निर्माण पर रोक लगा दी गई थी। सेना वैकल्पिक रास्ता तलाशने लगी थी।
ट्रंप ने ओबामाकेयर को कमजोर करने का दिया निर्देश
ओबामाकेयर को कमजोर करने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि वह एफोर्डेबल केयर एक्ट के उन हिस्सों को 'हटा दे, टाल दे, या उनमें छूट दे' जिनसे राज्यों, लोगों या स्वास्थ्य सेवा देने वालों पर आर्थिक बोझ पड़ता हो। इसमें एजेंसियों को ऐसा कोई अधिकार नहीं दिया गया है, जो उनके पास पहले से ही न हो। पर इसके संकेत स्पष्ट है कि जहां तक मुमकिन होगा, ओबामाकेयर के प्रावधान हटा दिए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय गर्भपात सलाह पर लगी रोक की बहाली
तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने 1984 में यह प्रावधान लागू किया था कि जो विदेशी गैर सरकारी संगठन 'गर्भपात की सलाह देंगे या गर्भपात सेवा देने वालो की वकालत' करेंगे, उन्हें अमरीकी अनुदान नहीं दिया जाएगा। रीगन रिपब्लिकन थे। इसके बाद हर डेमोक्रेट राष्ट्रपति इसे हटाता रहा और हर रिपब्लिकन राष्ट्रपति इसे लागू करता रहा। डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति रीगन के आदेश को एक बार फिर लागू कर दिया।
केंद्र सरकार ने भर्ती पर लगाई रोक
राष्ट्रपति ने आदेश जारी कर दिया कि केंद्रीय एजेंसियां किसी तरह की नई नियुक्ति ना करें। उन्होंने यह जरूर कहा कि सेना के खर्च पर इससे कोई असर नहीं पड़ेगा। उनकी यह कोशिश सरकारी कर्मचारियों की तादाद कम करने और कर्ज घटाने के लिए है।
टीपीपी से बाहर निकलने का ऐलान
ट्रांस पैसिफिक पार्टनशिप पर बराक ओबामा ने दस्तखत कर दिया था, लेकिन इसे कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिली थी। इस समझौते से 40 फीसद अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होता। इसे ओबामा की बड़ी कामयाबी माना जा रहा था। पर डोनल्ड ट्रंप शुरू से ही इसके खिलाफ थे। उन्होंने इस करार से बाहर निकलने के आदेश पर दस्तखत कर दिए।