पार्कर सोलर प्रोब सात साल तक सूरज का चक्कर लगाते हुए सूर्य का अध्ययन करेगा। यह यान सूर्य की बाह्य परत कोरोना के पास रहेगा। बता दें कि कोरोना कातापमान दी 10 लाख डिग्री सेल्सियस होता है। नासा के इस अभियान का उद्देश्य कोरोना के पृथ्वी की सतह पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करना है।