राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार दुनिया भर से आने वाले शरणार्थियों के लिए अमेरिका की सीमाएं बंद कर दी हैं। उन्होंने सीरिया से भागकर आने वाले परिवारों के लिए अनिश्चितकाल तक प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि छह अन्य मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवास पर 90 दिन के लिए अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।
इस तरह ट्रंप ने कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े सात मुस्लिम देशों के नागरिकों का अमेरिका में प्रवेश रोक दिया है। इनमें इराक, सीरिया, ईरान, सूडान, लीबिया, सोमालिया और यमन शामिल हैं।
ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत करते हुए कहा कि - ‘मैं कट्टर इस्लामी आतंकवादियों को अमेरिका से दूर रखने के लिए नए उपाय कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि हम उन्हीं लोगों को अपने देश में आने देंगे जो अमेरिका को सहयोग देंगे और अमेरिकियों को प्यार करेंगे।
हालांकि ट्रंप ने अपनी अत्यंत सख्त जांच के बारे में खुलासा नहीं किया। ट्रंप ने कहा कि हम उन्हें अमेरिका में आने देना नहीं चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हम उन लोगों को अपने देश में प्रवेश नहीं देंगे जो देश-विदेश में हमारे सैनिकों के लिए खतरा बन रहे हैं। इस आदेश के मुताबिक मुसलमानों के बजाय ईसाई अथवा अन्य धर्मों के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन में जनरल जेम्स मैटिस को रक्षा मंत्री बनाए जाने के दौरान आयोजित होने वाले शपथ समारोह के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले चार माह तक अमेरिका में शरणार्थियों का प्रवेश और पुनर्वास भी पूरी तरह निलंबित हो जाएगा।
नए नियमों में इस बात की पुख्ता व्यवस्था करने की कोशिश की जाएगी कि जिन लोगों को अमेरिका में शरणार्थी का दर्जा मिला हुआ है वे अमेरिका के लिए सुरक्षा संबंधी कोई खतरा पैदा न करें। हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे देश की अप्रवासियों का स्वागत करने वाली प्रतिष्ठा धूमिल होगी।