पाकिस्तान को 1993-94 के बीच आतंकवाद का प्रायोजन करने वाले देशों की सूची में ‘लगभग रख दिया’ गया था। यह जानकारी सीआईए के एक पूर्व अधिकारी ने दी। सीआईए के पूर्व अधिकारी रॉबर्ट एल. ग्रेनियर ने बृहस्पतिवार को बताया कि ‘1993 और 1994 के बीच बिल क्लिंटन प्रशासन की शुरूआत के दौरान मैं राजनीतिक मामलों का सहायक मंत्री था और आतंकवाद की वार्षिक समीक्षा में जुटा था। तब पाक को आतंकवाद का प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में औपचारिक रूप से लगभग रख दिया गया था।’ वह पाकिस्तान पर कांग्रेस में हो रही सुनवाई के दौरान सीनेट की विदेशी संबंध समिति के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।
ग्रेनियर ने कहा कि पांच दशक से ज्यादा समय में अमेरिका पाकिस्तानी व्यवहार के विभिन्न पहलुओं को समय-समय पर नजरअंदाज करता रहा है। ‘इस तरह 1980 के दशक में सोवियत अफगान मुजाहिदीन के विरोधस्वरूप अमेरिका व पाक के संयुक्त सहयोग के चलते पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम संबंधी प्रमाणों को न सिर्फ नजरअंदाज किया गया बल्कि पाक को उदारतापूर्वक आर्थिक और सैन्य सहयोग भी दिया गया।’
उन्होंने कहा कि 9/11 हमले के तुरंत बाद अफगानिस्तान में अभियान के लिए प्लेटफॉर्म की जरूरत और उस देश से भागने वाले अलकायदा आतंकवादियों को पकड़ने के लिए अमेरिका एक बार फिर कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकवाद और अफगान तालिबान के प्रति पाकिस्तान के दोहरे रुख को नजरअंदाज करना चाह रहा था।