अमेरिका ने एक बार फिर अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि
पाकिस्तान अपनी सीमा में स्थित आतंकवादियों की पनाहगाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें हर हाल में खत्म करे। हाल ही में अफगानिस्तान यात्रा से लौटे शीर्ष
अमेरिकी राजनयिक और देश के उप-विदेशमंत्री जॉन जे. सुलिवान ने कहा कि अमेरिका उम्मीद करता है कि पाकिस्तान क्षेत्र में स्थायी शांति बनाने में योगदान देगा।
अफगानिस्तान से लौटने के बाद सुलिवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अफगानिस्तानी नेतृत्व के साथ मैंने निश्चित ही इस मसले पर बात की है कि पाक को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। सुलिवान ने कहा, हमने पाक सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने इलाके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई करे ताकि अफगानिस्तान में हिंसा का खतरा और दबाव कम हो सके। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान यात्रा में उन्हें अपनी साझीदारी को मजबूत करने के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता को दोबारा मजबूत करने का अवसर मिला।
इस दौरान सुलिवान ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, मुख्य अधिकारी डॉ. अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह, विदेशमंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी से भी मुलाकात की। उन्होंने अफसोस जताया कि इस समय हर कोई शांति चाहता है लेकिन इसके बावजूद तालिबान बातचीत की टेबल पर आने का इच्छुक नहीं है।
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि ट्रंप ने बातचीत के रास्ते खत्म करने की बात कही है तो सुलिवान ने कहा कि ट्रंप की हालिया टिप्पणियां तालिबान के साथ बातचीत को खारिज करते हुए जमीनी वास्तविकता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि हम तालिबान पर दबाव डालते रहेंगे।