पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि कैसी है, इसका पता यहां के उच्चस्तरीय कार्यक्रम में चला। यहां अमेरिका राजनयिकों व अन्य लोगों के बीच जब पाकिस्तान के अमेरिका स्थित राजदूत एजाज अहमद चौधरी ने जब इस बात पर जोर दिया कि उनके देश में आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित शरणस्थली नहीं है तो सब ठहाके मारकर हंस पड़े, जैसे उन्होंने कोई चुटकुला सुन लिया हो।
यह अजीब वाक्या तब हुआ जब अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत एजाज अहमद चौधरी अमेरिकी थिंक टैंक के सदस्यों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बहस पर उतर आए। बार-बार कहने लगे कि हमारे देश में आतंकियों के लिए सुरक्षित आश्रय मौजूद नहीं है। (कथित तौर पर कराची के अस्पताल में दम तोड़ चुका) तालिबान का आतंकी मुल्ला उमर अफगानिस्तान छोड़कर कभी पाकिस्तान नहीं पहुंचा। उनकी बातें लोगों को इतनी हास्यास्पद लगी कि हंसने लगे।
दरअसल, एजाज अहमद अमेरिका के पूर्व राजनयिक जल्मे खलीलजाद से बहस कर रहे थे। खलीलजाद अफगानिस्तान, ईराक और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत रहे हैं। यह कार्यक्रम अफगानिस्तान में अमेरिका की भावी रणनीतियों और क्षेत्रीय दृष्टिकोण के तहत आयोजित किया गया था। जहां पैनल चर्चा हो रही थी।
एजाज अहमद की बातों पर खलीलजाद ने जवाब दिया कि हमारे पास पुख्ता सबूत हैं कि वह (मुल्ला उमर) पाकिस्तान गया, जहां वो एक अस्पताल में भर्ती था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मुल्ला उमर ने उसी तरह अफगानिस्तान कभी नहीं छोड़ा जिस तरह ओसामा बिन लादेन ने भी नहीं छोड़ा था।
खलीलजाद ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं कि जब हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ ऑपरेशन जारी था, तब मुल्ला उमर को सुरक्षित स्थान पहुंचा दिया गया था। इस बहस में भारत के पूर्व मंत्री मनीष तिवारी और अमेरिकन थिंक टैंक एक्सपर्ट एश्ले टेलिस भी मौजूद थे। उन्होंने खलीलजाद के इस बयान को सही बताया कि पाकिस्तान आतंकियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह है और पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों द्वारा उन्हें संरक्षण प्राप्त है।