इमरान सरकार के नए पाकिस्तान का चेहरा पिछले दिनों दुनिया ने देखा। जब इमरान कैबिनेट के एक मंत्री मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ मंच साझा करते हुए दिखे। पाकिस्तान सरकार को इसका खूब खामियाजा भी भुगतना पड़ रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री को वाशिंगटन में खूब किरकिरी झेलनी पड़ रही है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि मंत्री नूर-उल-हक कादरी को मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ मंच साझा नहीं करना चाहिए था। कुरैशी ने कहा, "मैं देश लौटकर कादरी से पूछूंगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हालांकि, मुझे बताया गया है कि कार्यक्रम कश्मीर की स्थिति के संबंध में हुआ था।
कुरैशी यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस के कार्यक्रम में किए गए सवालों से परेशान हो गए और इसी दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बातें कहीं। गौरतलब है कि पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री कादरी इस्लामाबाद में एक सभा में सईद के साथ मंच साझा करते देखे गए थे।
विदेश मंत्री कुरैशी ने एकबार फिर कहा कि भारत-पाकिस्तान बातचीत में अमेरिका को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। भारत इस मामले में पीछे चला गया है। उन्होंने लगभग गुस्से भरे लहजे में कहा कि अगर भारत पाकिस्तान के बीच बातचीत नहीं होगी तो दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ेगा। हालांकि, अमेरिका पहले ही पाकिस्तान की मांग खारिज कर चुका है।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैजल नेकहा कि कश्मीर में निहत्थे नागरिकों पर भारत रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की इस आक्रामकता की पाकिस्तान हमेशा से कड़ी निंदा करता रहा है। हम कश्मीर समस्या का हल वहां के लोगों की इच्छानुसार चाहते हैं।