अमेरिका ने कहा है कि उड़ी हमला साफ तौर पर सीमापार आतंक का मामला है। हमले के बाद भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान और कश्मीर की मुद्दे को जोड़ने के प्रयासों को भी खारिज कर दिया।
सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में अमेरिका ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करने के साथ ही दोनों देशों को सेना के जमावड़े के प्रति सचेत रहने की सलाह भी दी है। व्हाइट हाउस में दक्षिण एशिया के मामलों को देखने वाले पीटर लेवॉय ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध उच्चतम स्तर पर हैं। उन्होंने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए ओबामा प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों का भी ब्योरा दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस साल के अंत तक भारत को न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनसएजी) का सदस्य बनवाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।
कभी-कभार प्रेस कांफ्रेंस करने वाले लेवॉय ने उड़ी हमले पर एक सवाल के जवाब में कहा कि हर देश को आत्मरक्षा का अधिकार है। मालूम हो कि लेवॉय ने पिछले हफ्ते नवाज शरीफ के दो दूतों से कश्मीर के मसले पर मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान दूतों ने कश्मीर मुद्दे को अफगानिस्तान संकट जैसा बताया था। इस पर लेवॉय ने कहा कि हम दोनों को एक जैसा मसला नहीं मानते।