पाकिस्तान ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर पर बेसुरा राग अलापा है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोदी ने आरोप लगाया कि कश्मीरियों को आत्म निर्धारण के अधिकार से ‘वंचित’ रखने के कारण हाल में कश्मीर में ‘विस्फोटक स्थिति’ पैदा हुई है, जिससे क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा के सामने खतरा पैदा हो गया है।
लोदी ने कहा कि हाल में वहां भड़की आग का मुख्य कारण कश्मीर के लोगों को ‘आत्म निर्धारण के अधिकार से वंचित’ रखा जाना है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों से सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों द्वारा स्वतंत्र जनमत संग्रह का वादा किया गया था।
लोदी ने कहा कि इसी वजह से वहां क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। मलीहा ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के मिशन में ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक कश्मीर ‘आजाद’ नहीं हो जाता, पाकिस्तान कश्मीरी लोगों के आत्म निर्धारण के अधिकार के लिए उनके ‘‘संघर्ष’ को ‘नैतिक, राजनीतिक एवं कूटनीतिक समर्थन’ देता रहेगा।
पाकिस्तानी राजदूत ने साथ ही संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त जायद राद अल हुसैन के साथ अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। वह कश्मीर में कथित ‘मानवाधिकार उल्लंघन’ की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र का एक मिशन भेजने की मांग पर जोर देने के लिए उच्चायुक्त से मिली थीं।