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आतंकियों के कब्जे में जा सकते हैं पाक के परमाणु हथियार

Wed, 23 Mar 2016 12:42 AM IST
एजेंसी/ वाशिंगटन

सार

  • अमेरिका के एक रिपोर्ट में जताई गई आशंका, कहा-चोरी हो सकते हैं ये हथियार
  • पाक में परमाणु हथियारों के बढ़ रहे जखीरे को पूरी तरह सुरक्षा दे पाना मुश्किल
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पाकिस्तानी मिसाइल शाहीन - फोटो : Getty Images
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विस्तार
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पाकिस्तान जिस तेजी से परमाणु हथियार बनाने में जुटा हुआ है, उससे उसके परमाणु हथियार चुराए जा सकते हैं। यही नहीं ये हथियार आतंकियों के हाथों में भी जा सकते हैं, जिनकी निगाह इन परमाणु हथियारों पर है। खतरा इसलिए भी है कि पाक में एक के बाद एक स्थापित की जा रही परमाणु इकाइयों को पूरी तरह से सुरक्षा दे पाना मुश्किल है। अमेरिका की एक रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है।
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इस महीने के आखिर में वाशिंगटन में आयोजित होने वाले परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन से पहले एक अमेरिकी थिंक टैंक ने इस संबंध में चेतावनी दी है। प्रतिष्ठित हार्वर्ड केनेडी स्कूल की ओर से जारी ‘प्रीवेंटिंग न्यूक्लियर टेररिज्म : कंटीन्युअस इम्प्रूवमेंट ऑर डैंजरस डिक्लाइन?’ नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में परमाणु हथियारों के चोरी होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है। पाकिस्तान अपनी क्षमता से ज्यादा परमाणु जखीरे को बढ़ाने और इनको सामरिक परमाणु हथियारों में तब्दील करने में जुटा हुआ है। देश में कई परमाणु इकाइयां काम कर रही हैं और नए स्थलों में इजाफा किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य में पाक की सत्ता चरमपंथियों के हाथों में जाने पर इस तरह के खतरे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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25,000 सैनिक तैनात हैं पाक परमाणु स्थलों पर

- फोटो : Getty Images
रिपोर्ट के मुताबिक, पाक के कुल परमाणु इकाइयों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 25,000 सैनिकों को इस काम में मुस्तैदी से लगाया गया है। मगर, पाक में बढ़ते भ्रष्टाचार और आतंकियों के प्रति नरम रुख रखने की वजह से परमाणु हथियारों के चोरी होने का जोखिम बढ़ता नजर आ रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की परमाणु इकाइयों को आतंकी खतरा भले ही नहीं हो, मगर उसे आंतरिक खतरा जरूर है। भारत में भी आंतरिक स्तर पर काफी भ्रष्टाचार है और उसकी इन इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था भी पाक और रूस के मुकाबले कमजोर है।

2014 में सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल विजय सिंह ने कलपक्कम परमाणु संयंत्र में तीन लोगों को गोली मार दी थी। हालांकि भारत ने इन संयंत्रों की सुरक्षा के लिए काफी अहम कदम उठाए हैं। अमेरिकी विशेषज्ञों ने 2008 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के अपने दौरे के वक्त वहां के सुरक्षा इंतजामों को नाकाफी बताया था।
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