पाक लगातार अपनी परमाणु हथियार क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक के अनुसार अब इसलामाबाद गैर पारंपरिक परमाणु हथियार विकसित करने के काम में जुटा है। इस तरह के परमाणु हथियार बनाने में सफल होने पर पाकिस्तान रूस और अमेरिका जैसे देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा। परमाणु हथियार रखने वाले भारत समेत नौ देशों में से सिर्फ पांच के पास इस तरह के हथियार हैं।
न्यूक्लियर नोटबुक के ताजा संस्करण में न्यूक्लियर इनफार्मेशन प्रोजेक्ट के निदेशक हान्स क्रिस्तियांसेन और न्यूक्लियर पॉलिसी के सीनियर फेलो डॉ. रॉबर्ट एस नोरिस ने कहा है कि इन पांच देशों भारत शामिल नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार आज नौ परमाणु शक्तियों में से रूस, अमेरिका, फ्रांस, चीन और पाकिस्तान गोर पारंपरिक एटमी हथियार रखते हैं या उन्हें विकसित करने पर काम कर रहे हैं। हालांकि फ्रांस की ही तरह पाकिस्तान अपने सभी परमाणु हथियारों को पारंपरिक बताता है।
क्रिस्तियांसेन और नोरिस ने लिखा है कि पाकिस्तान परमाणु क्षमता वाला एक नया, छोटी दूरी का रॉकेट विकसित कर रहा है। अगर यह रॉकेट अमेरिका या रूस का होता तो इसे गैर रणनीतिक परमाणु हथियार की श्रेणी में रखा जाता। इसके अलावा इस हथियार के बारे में पाकिस्तानी बयान खुद इसे एक अलग श्रेणी में रखते हैं।’ दोनों अमेरिकी परमाणु वैज्ञानिकों का कहना है कि नस्र 60 किलोमीटर दूरी तक मार करने वाला बैलेस्टिक मिसाइल है, इसे मोबाइल ट्विन-कैनिस्टर लांचर से लांच किया गया। इसका पहला परीक्षण पाक ने 2011 अप्रैल में किया था और बाद में कहा था कि नस्र परमाणु हथियार ले जाने और सटीक निशाने पर वार करने में सक्षम है।