भारत और ब्राजील जैसे देशों के चुनावों में हस्तक्षेप करने के लिए रूस इन देशों की मीडिया को निशाना बना सकता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक सोशल मीडिया विशेषज्ञ ने अमेरिकी सांसदों के सामने ये आरोप लगाए हैं।
फिलिप एन हॉवर्ड, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ऑक्सफोर्ड इंटरनेट इंस्टीट्यूट एंड बैलिओल कॉलेज में इंटरनेट स्टडीज के प्रोफेसर हैं। वे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर विदेशी प्रभाव की सुनवाई के दौरान सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सामने पेश हुए थे।
हालांकि हॉवर्ड अपने आरोपों के बारे में ज्यादा विस्तार से कुछ नहीं बता सके। उन्होंने कहा कि उन देशों में स्थिति अधिक भयावह हो सकती है जहां की मीडिया, अमेरिकी मीडिया की तरह पेशेवर नहीं है। इससे पहले हॉवर्ड ने हंगरी की मीडिया में ऐसे हस्तक्षेपों के कुछ उदाहरण भी दिए थे।
हॉवर्ड ने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया का सबसे पेशेवर मीडिया है। यह अपने सूत्रों का मूल्यांकन करता है और ट्वीटों को रिपोर्ट नहीं मानता है। मैं कहना चाहता हूं कि हमारे लोकतांत्रिक सहयोगियों के मीडिया संस्थानों में अधिक चिंता होगी।
हॉवर्ड ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि रूसी हमें अब निशाना नहीं बनाएंगे बल्कि वे भारत और ब्राजील जैसे विशाल लोकतांत्रिक देशों को अपना निशाना बनाएंगे, जहां पर अगले कुछ सालों में चुनाव होने हैं। जहां हम अभी भी महत्वपूर्ण रूसी हस्तक्षेप देख रहे हैं, वहीं इन देशों की मीडिया संस्थाओं को सीखने और विकसित होने की जरूरत है।