अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच चली दो दिवसीय बातचीत समाप्त हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस बातचीत को "अनूठा, सकारात्मक और रचनात्मक" बताया है।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डोनिलॉन के अनुसार राष्ट्रपति ओबामा ने चीनी राष्ट्रपति शी को चेतावनी देते हुए कहा कि 'साइबर अपराध' अमेरिका चीन संबंधों के बीच ''बाधक'' बन सकते हैं।
टॉम डोनीलान ने यह भी कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत थे कि उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण होना चाहिए।
कैलोफोर्निया में हुई इस बातचीत में आर्थिक और पर्यावरण संबंधी विषयों पर भी चर्चा हुई।
दोनों नेताओं ने शुक्रवार को करीब छह घंटे और शनिवार सुबह करीब तीन घंटे का समय एक साथ गुजारा।
शनिवार को शी जिनपिंग के साथ चहलकदमी पर निकले ओबामा ने उनकी बातचीत में हुई प्रगति को शानदार बताया।
बीबीसी के उत्तर अमेरिका संपादक मार्क मार्डेल के अनुसार व्हाइट हाउस इस सम्मेलन के बाद काफी प्रसन्न नजर आ रहा था। टॉम डिलन बार-बार इस सम्मलेन को अनूठा बता रहे थे।
साइबर घुसपैठ पर चिंता
बातचीत के बाद संवाददाता सम्मेलन में टॉम डोनिलॉन ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा ने साइबर घुसपैठ और बौद्धिक संपदा चोरी से अमेरिका को हुई दिक्कतों से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अवगत कराया।"
डोनीलॉन के अनुसार ओबामा ने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका को इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि अमेरिका में होने वाली साइबर घुसपैठ का स्रोत चीन के अंदर है।
इसके पहले शी जिनपिंग के वरिष्ठ विदेश नीति सलाहकार यांग चिएची ने पत्रकारों को बताया कि चीन साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर अमेरिका के संग टकराव के बजाय सहयोग भरा संबंध चाहता है।
यांग चिएची के कहा, ''साइबर सुरक्षा को आपसी अविश्वास और टकराहट की मूल वजह नहीं बननी चाहिए। इसके बजाय इसे हमारे आपसी सहयोग के नए संभावनाशील क्षेत्र के रूप में देखना चाहिए।"
सम्मेलन समाप्त होने के ठीक बाद व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी करके कहा कि दोनों देश पहली बार हानिकारक ग्रीनहाउस गैस हाइड्रोफ्लोरोकार्बन को कम करने के लिए मिलकर काम करने को सहमत हुए हैं।
शी जिनपिंग के इसी साल मार्च में राष्ट्रपति बनने के बाद इन दोनों नेताओं के बीच हुई यह पहली मुलाकात है।