चीन के विरोध को दरकिनार कर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार को व्हाइट हाउस में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मुलाकात की। हालांकि यह मुलाकात बंद कमरे में बेहद निजी रही। चीन आरोप लगाता रहा है कि तिब्बती धर्मगुरु अलगाववादी आंदोलन चला रहे हैं।
राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि इस मुलाकात से तिब्बत पर अमेरिका के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा, ‘पिछले आठ वर्षों में चौथी बार है जब राष्ट्रपति ओबामा को दलाई लामा से मुलाकात करने का अवसर मिला।
हालांकि मैं एक बार फिर दोहराना चाहता हूं कि तिब्बत को लेकर अमेरिका का रुख नहीं बदला है। अमेरिका तिब्बत को चीन का हिस्सा मानता है और अमेरिका ने तिब्बत की स्वतंत्रता को लेकर कोई समर्थन व्यक्त नहीं किया है।’
ओबामा ने 80 वर्षीय तिब्बती आध्यात्मिक गुरु से व्हाइट हाउस के ऐतिहासिक मैप रूम में मुलाकात की। मीडियाकर्मियों को मीटिंग से दूर रखा गया था। दलाई लामा ने बाहर इंतजार कर रहे पत्रकारों से भी कुछ नहीं कहा।
अमेरिकी प्रवक्ता ने बताया, ‘राष्ट्रपति ने ओरलेंडो में आतंकी हमले पर अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए दलाई लामा का शुक्रिया अदा किया।’ एक सवाल के जवाब में अर्नेस्ट ने कहा कि पहले भी सार्वजनिक तौर पर राष्ट्रपति ओबामा दलाई लामा के लिए अपनी व्यक्तिगत भावनाओं को जाहिर कर चुके हैं।