वैज्ञानिकों ने चूहों की जीवित कोशिकाओं से आर्टिफिशियल रोबोट नाक बनाई है। यह खोजी कुत्तों की जगह इस्तेमाल की जा सकेगी। इसकी मदद से नशीले पदार्थों और विस्फोटकों को पहले की तुलना में और भी अधिक आसानी से ढूंढा जा सकेगा।
अमेरिका में ड्यूक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने चूहों के जीन से उगाए गए गंध रिसेप्टर्स के आधार पर इसका प्रोटोटाइप (आदिरूप) विकसित किया है। जो किसी भी गंध तक पहुंचने में सक्षम है। ड्यूक के प्रोफेसर हिरोकी मत्सुनामी ने कहा, ‘आर्टिफिशियल नाक बनाने के विचार पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी।’ उन्होंने कहा कि पहले गंध का पता लगाने के लिए विभिन्न रासायनिक यौगिकों का इस्तेमाल किया जाता था जो कि उतने प्रभावी साबित नहीं हो पाते थे।