फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैदराबाद का हीरा 212 करोड़ से ज़्यादा में बिका

विज्ञापन
विज्ञापन
रूठे प्रियतम को मनाने के लिए हीरे से बेहतर क्या हो सकता है, लेकिन हम जिस हीरे की बात कर रहे हैं, उसे लेने की सोचने भर से आपकी जेब आपसे रूठ सकती है।
विज्ञापन


गोलकुंडा की खदानों से निकला 34 कैरेट का असाधारण गुलाबी रंग का ‘प्रिंस' डायमंड एक नीलामी के दौरान 3।93 करोड़ अमेरिकी डालर या करीब 212 करोड़ भारतीय रूपयों से अधिक में बिक गया है।

यह हीरा एक समय में हैदराबाद के निज़ाम की शान बढ़ा चुका है।

निलामी संस्था क्रिस्टी ने बताया है कि प्रिंस डायमंड को एक गुमनाम चहेते ने फोन पर बोली लगाकर खरीदा।

शानदार अतीत

क्रिस्टी के जूलरी विभाग के प्रमुख राहुल कड़ाकिया ने इस हीरे की बिक्री से पहले कहा कि, “प्रिंस डायमंड का शानदार अतीत है, इसके साथ गोलकुंडा, हैदराबाद के निज़ाम और बड़ौदा की महारानी सीता देवी जैसे चर्चित नाम जुड़े हुए हैं।”
विज्ञापन


बेमिसाल ताकत का प्रतिनिधित्व करने के कारण गोलकुंडा में खोजे गये बेहद खूबसूरत पत्थर हमेशा राजाओं के लिए रिजर्व रहते थे।

उन्होंने बताया, “आमतौर पर माना जाता है कि भारत को भगवान से जो तोहफ़े मिले हैं, उन्हें भारत ने मानवता के नाम कर दिया और कोई शक नहीं कि प्रिंस गोलकुंडा के महानतम उपहारों में एक है।”

यह हीरा एक वक्त हैदराबाद के निज़ाम के पास था, जो टाइम मैगजीन के मुताबिक 1937 में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे।

इस हीरे को 1960 के बाद से सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है।

गोलकुंडा

क्रिस्टी के मुताबिक दुनिया के चार सबसे बड़े गुलाबी डायमंड गोलकुंडा से ही मिले हैं। गोलकुंडा में 800 ई।पू, से हीरों का उत्खनन किया जा रहा है।

इससे पहने 2010 में ग्राफ पिंक नाम के एक हीरे को जीनेवा में 4।4 करोड़ अमेरिकी डालर में बेचा गया था। उस समय उसे निलामी के इतिहास में सबसे महंगा हीरा माना गया।
विज्ञापन


दो सबसे बड़े पिंक डायमंड: डारया-1 नूर (वजन 175 से 195 कैरेट) और नूर-अल-आइन (60 कैरेट) मूल रूप से इरान के क्राउन जूलर्स के पास थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि उन्हें 242 कैरेट के एक पिंक डायमंड से काटकर बनाया गया था।

क्रिस्टी ने कहा है कि ऐसा माना जाता है कि प्रिंस डायमंड दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गुलाबी हीरा है और इसे करीब 300 साल पहले गोलकुंडा की खदान से निकाला गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें