अमेरिका के एक शीर्ष नियामक ने तथाकथित नेट न्यूट्रैलिटी को वापस लिए जाने की कोशिशों का बचाव करते हुए कहा है कि बड़े इंटरनेट प्लेटफॉर्म नियमों के लिए बड़ा खतरा हैं। वे नियमित रूप से उस कंटेंट (सामग्री) को ब्लॉक करते हैं, जिसे पसंद नहीं करते।
अमेरिका के संघीय संचार आयोग (एफसीसी) के अध्यक्ष अजित पई ने ये बातें कही हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने उस प्रस्ताव से पर्दा उठाया था जिसमें 2015 के बराक ओबामा प्रशासन के नेट न्यूट्रैलिटी के समर्थन में बनाए गए कानून को वापस लेने की बात है। यह नियम सभी ब्राडबैंड कंपनियों के हर तरह की ऑनलाइन गतिविधि को एक समान तरीके से देखे जाने की व्यवस्था करता है।
पई ने ट्विटर की ओर इशारा करते हुए कहा कि सभी इंटरनेट प्लेटफॉर्म यह तय करने में ब्राडबैंड ऑपरेटर्स से ज्यादा अहम भूमिका निभा रहे हैं कि इंटरनेट यूजर्स क्या देखें। उन्होंने कहा, सभी बातों के बावजूद कि डर यह है कि ब्राडबैंड सेवा प्रदाता यह निर्धारित कर सकते हैं कि इंटरनेट पर ग्राहक क्या सामग्री देखेंगे, हाल के अनुभव दर्शातें हैं कि ये तथाकथित अग्रणी प्रदाता यह तय कर रहे हैं कि ग्राहक क्या सामग्री देखेंगे।
ये प्रदाता नियमित रूप से उस सामग्री को रोक देते हैं अथवा उसके साथ भेदभाव करते हैं, जिसे वो पसंद नहीं करते। उनकी यह टिप्पणी इस बात का प्रमाण है कि वाशिंगटन में सिलिकॉन कंपनियों के खिलाफ कड़ा माहौल बन रहा है। जबकि वर्षों तक वाशिंगटन की इन कंपनियों से करीबी रही है।