मानव इतिहास का पहला अंतरिक्ष सूर्य मिशन शुरू होने वाला है। नासा का अंतरिक्ष यान पार्कर सोलर प्रोब 31 जुलाई को लांच होगा। यह अंतरिक्ष यान फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से लांच होगा, जहां अभी इसका परीक्षण जारी है। इसे डेल्टा-4 हैवी लांच व्हीकल से जोड़ा जा रहा है।
लांच होने के बाद पार्कर सीधे सूर्य के वातावरण में जाएगा। वहां यह सूर्य के बाहरी वायुमंडल (कोरोना) के करीब जाकर उसका अध्ययन करेगा। वहां तक कोई मानव निर्मित वस्तु नहीं पहुंची है। पार्कर यान को खतरनाक तापमान और विकिरण का सामना करना पड़ेगा। यह यान सूर्य पर सौर तूफान आने के कारण का पता लगाएगा।
सौर तूफान आने के सटीक समय का अनुमान लगाएगा, जिससे धरती पर पड़ने वाले उसके प्रभाव को कम किया जा सके। ज्ञात हो कि सौर तूफान से सैटेलाइट काम करना बंद कर देती है। अगले कई महीनों तक यान परीक्षण से गुजरेगा।
ईंधन भरने से पहले इसमें थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम (टीपीएस) या हीट शील्ड जोड़ी जाएगी। टीपीएस बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके दम पर ही यान के सूर्य के करीब जाकर उसका तापमान सहन करेगा। तापमान के चलते ही अब तक यान सूर्य के करीब नहीं भेजे जाते थे।
1958 में खगोलशास्त्री यूजीन पार्कर से पहली बार बताया था कि सूर्य पर सौर तूफान आते हैं। उनके नाम पर ही यान का नाम पार्कर रखा गया है।
फिर भी सूर्य से 98 लाख किलोमीटर दूर रहेगा
टीपीएस तकनीक के दम पर यह यान सूर्य के कोरोना का तापमान सहन कर पाएगा। फिर भी यह सूर्य से 98 लाख किलोमीटर दूर से उसका अध्ययन करेगा। इस प्रोजेक्ट के मैनेजर एंडी ड्राइसमैन ने कहा, पार्कर मील के कई पत्थर स्थापित करेगा। एक शानदार टीम इस योजना को हकीकत बनाने के लिए काम कर रही है।
सूर्य के इतने करीब कभी नहीं गए यान
धरती की कक्षा से या सौर मंडल में अन्य ग्रहों के करीब चक्कर काट रहे दस अंतरिक्ष यान या टेलीस्कोप हैं, जो सूर्य का अध्ययन करते हैं। जैसे डीप स्पेस क्लाइमेट आब्जर्वेट्री, सोलर डॉयनामिक्स, पिकार्ड, सोलर मॉनिटरिंग आब्जर्वेट्री, सोलर टेरेसट्रियल रिलेशन आब्जर्वेट्री आदि। पर इनमें से कोई भी पार्कर सोलर प्रोब की तरह सूर्य के इतने करीब नहीं गया है। इससे पहले जर्मनी का हेलिअस यान सूर्य के 4.30 करोड़ किलोमीटर करीब तक गया था।
भारत भेजेगा आदित्य एल-1
भारत भी 2021 तक अपना अंतरिक्ष यान आदित्य एल-1 सूर्य का अध्ययन करने भेजेगा। यह धरती से 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर स्थित कक्षा से सूर्य का अध्ययन करेगा।