नासा ने सफलतापूर्वक एक ऐसे स्पेस न्यूक्लियर रिएक्टर का परीक्षण किया है, जिससे भविष्य में चांद व मंगल ग्रह पर पहुंचने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
नासा के मुताबिक, यूएस नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन राष्ट्रीय (एनएनएसए) एंड नेवादा नेशनल सिक्योरिटी साइट में नवंबर 2017 से मार्च तक स्टर्लिंग टेक्नोलॉजी (केआरएसटीवाई) का प्रयोग कर किलोपावर रिएक्टर के तहत इसकी जांच की गई थी।
उनका कहना है कि इस रिऐक्टर की मदद से ऊर्जा पैदा की जा सकेगी और ऐसे उपकरण चलाए जा सकेंगे जो लाल ग्रह पर उपलब्ध संसाधनों को ऑक्सीजन, पानी और ईंधन में बदल सकें। नासा को पिछले कई सालों की कड़ी मेहनत के बाद यह सफलता हाथ लगी है।
यह अनोखा किलोपावर रिऐक्टर अंतरिक्ष या पृथ्वी से दूर किसी ग्रह पर लंबे समय तक बिजली पैदा कर सकता है। यह काफी छोटा होगा और सरल तरीके से ऊर्जा पैदा करने में सक्षम होगा।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी का कहना है कि किलोपावर एक छोटी, हल्की विखंडन प्रणाली है जो 10 किलोवाट विद्युत शक्ति प्रदान करने में सक्षम है। यह लगातार कम से कम 10 घर चलाने में सक्षम है। इसकी मदद से चंद्रमा के आसपास के विशाल गड्ढों का पता लगाया जा सकेगा।