नवम्बर में पन्द्रह दिनों तक धरती के अंधेरे में डूब जाने की चर्चाओं से अंतरिक्ष विज्ञानी सहमत नहीं हैं। नासा के नाम पर सोशल मीडिया में इस चर्चा के वायरल होने के बाद से लोगों की जिज्ञासाएं चरम पर हैं और नासा से लेकर इसरो तक से इस बाबत लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं।
इस बीच सोशल मीडिया में इन चर्चाओं की रफ्तार कम नहीं हुई है। चर्चाओं में यह बात फैलाई जा रही है कि नवम्बर में 15 दिनों तक पृथ्वी पर सूर्य के दर्शन नहीं होंगे लेकिन उपग्रहों से मिली जानकारी में ऐसा कोई तथ्य अबतक सामने नहीं आया है।
इसरो के सूत्रों का कहना है कि अंतरिक्ष में ऐसी किसी भी तरह की घटना की सूचना नहीं है जिससे इस चर्चा को सच माना जाए। यह चर्चा पूरी तरह अफवाह लगती है। हालांकि इस चर्चा से इसरो का कोई सीधा संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में नासा के अध्ययन रिपोर्ट का जिक्र आ रहा है लेकिन नासा की बेवसाइट पर ऐसी कोई सूचना नहीं है। नतीजतन इसे महज अफवाह ही कहा जा सकता है। चूंकि चर्चा में दम नहीं है इसलिए इसरो ने अलग से इस बाबत कोई अध्ययन नहीं किया है।