डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा करना गलत था कि रूसी हस्तक्षेप की जांच में जीओपी द्वारा वर्गीकृत ज्ञापन की वजह से उन्होंने एफबीआई की शक्तियों की निगरानी पर मेमो को जारी करने की मंजूरी दी। सांसदों का कहना है कि इस तरह का मेमो जारी करना एफबीआई की प्रतिष्ठा और चुनाव में रूसी हस्तक्षेप को धूमिल करने का शर्मनाक प्रयास है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि स्पेशल काउंसिल रोबर्ट मुलर का काम बगैर किसी हस्तक्षेप के जारी रहेगा। सीनेटर्स द्वारा तैयार किए गए इस मेमो में एफबीआई पर शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
इसके बाद ट्रंप ने शुक्रवार को इस खुफिया मेमो को जारी करने की मंजूरी देते हुए कहा था कि इससे एक शर्मनाक कहानी का खुलासा हुआ है। मेमो ट्रंप के चुनाव प्रचार के पूर्व सलाहकार कार्टर पेज की अदालत द्वारा मंजूर वायरटेपिंग पर केंद्रित है।