कुण्डली में सप्तमेश अष्टïम भवन में तथा सप्तम भाव का नैसर्गिक कारक अस्त होने के कारण आपके विवाह में विलम्ब हो रहा है। ग्रह शांति के लिए रविवार से प्रारंभकर नित्य सूर्य को गुड़ व रोली ड़ालकर जल अर्पित करें।
सवा पांच रत्ती वजन का पन्ना रत्न चांदी में बुधवार के दिन दाहिनी कनिष्ठïका में धारण करें। ऐसा करने पर वर्ष 15 में आपके विवाह की संभावना बनेगी।