फेसबुक डाटा लीक सामने आने के बाद से इसके संस्थापक मार्क जुकरबर्ग की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यूजर्स की निजता के साथ हुए खिलवाड़ की वजह से अमेरिकी सीनेट के सामने उनकी पेशी होगी। उन्हें अमेरिकी सीनेट में मंगलवार को पेश होना है। 33 साल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सीनेट पैनल के सामने 87 मिलियन यूजर्स के डाटा चोरी होने की वजह से पेशी होगी। आरोप है कि इस सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ने बिना यूजर्स की इजाजत के उनके निजी डाटा को कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया था।
राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अमेरिका के फेसबुक यूजर्स के निजी डाटा का इस्तेमाल किया गया था। रविवार को फेसबुक ने कहा था कि उसने यूएस बेस्ड एक और डाटा विश्लेषण संस्था क्यूबयू को बर्खास्त कर दिया है। सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार इस संस्था ने भी टेस्टिंग ऐप्स के जरिए फेसबुक यूजर्स का डाटा कमर्शियल उपयोग के लिए इस्तेमाल किया है। फेसबुक के एक प्रवक्ता ने कहा- यह बहुत गंभीर आरोप है और इसीलिए हमने क्यूबयू को जांच पूरी होने तक हटा दिया है। अगर वह हमारे ऑडिट में फेल हो जाते हैं तो उनकी ऐप्स को फेसबुक से बैन कर दिया जाएगा।
पेशी से पहले जुकरबर्ग ने गलती मानते हुए वादा किया है वह ऐसी व्यवस्था बनाएंगे जिससे कोई भी विदेशी शक्ति अमेरिका के चुनाव को प्रभावित ना कर सके। उन्होंने इस पूछताछ से पहले ही वादा किया है कि कंपनी यूजर्स की निजता को बरकरार रखने के लिए काम कर रही है। वह अपने नियमों को और सख्त बनाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की चूक ना हो पाए। पूछताछ के दौरान जुकरबर्ग कंपनी के सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले कदमों से भी सीनेट की कमेटी को जानकारी दे सकते हैं।