वर्तमान में आप पर राहु महादशा चल रही है। यह दशाकाल आपकी इच्छापूर्ति में बाधक है। कुण्डली में नवमांशापति की शनि से युति, प्रेम विवाह में स्वजनों से विरोध का कारण बनेगी।
ग्रह शान्ति के लिए प्रत्येक रविवार शिवलिंग पर दूर्वांकुर चढ़ाएं। नित्य आदित्य हृदयस्तोत्र का पाठ कर सूर्य को जल अर्पित करें। ऐसा करने पर इच्छापूर्ति की संभवना बन सकती है।