मुंबई में 26/11 को हुए बम धमाकों मे आरोपी पाकिस्तान-अमेरिकी डेविड कोलमेन हेडली के वकील ने इस बात को खारिज कर दिया है कि शिकागो के हिरासत केंद्र में उसपर हमला किया गया है। सालों से हेडली का केस लड़ने वाले वकील जॉन थीस का कहना है कि मुझे रिपोर्ट्स के जरिए जानकारी मिली। उन्होंने कहा, 'मुझे हमले की कोई जानकारी नहीं थी। मैं यह नहीं बता सकता कि वह इस समय कहां है लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि मुझे हमले की जानकारी नहीं है।'
पहले कि रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि
हेडली पर 8 जुलाई को शिकागो के मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर पर दो साथियों ने हमला किया था जो भाई हैं और उसे गंभीर चोटे आई हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया था कि उसे नॉर्थ इवास्टन अस्पताल ले जाया गया था। वकील ने यह भी कहा कि हेडली को उस सेंटर में रखा ही नहीं गया है। जब पूछा गया कि क्या हेडली पर हमला हुआ है तो उन्होंने कहा, 'हम इस व्यक्ति के बारे में जानकारी का पता लगाने में सक्षम नहीं हैं।'
अधिकारियों ने कभी भी सार्वजनिक तौर पर यह खुलासा नहीं किया है कि पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक हेडली को कहा रखा गया है। उसे बहुत सारे अपराधों में 35 साल की सजा मिली है। वह मुंबई पर 2008 में हुए
आतंकी हमलों में शामिल था। बता दें कि हेडली पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी गुट लश्कर-ए-तैइबा के लिए काम करता था। उसने मुंबई पर हमले के लिए महत्वपूर्ण इमारतों की रेकी की थी।
वह सितंबर 2006 से जुलाई 2008 के बीच पांच बार भारत आया था। साथ ही उसने पाकिस्तान जाकर लश्कर के ट्रेनिंग कैंप में भी हिस्सा लिया था। मुंबई आतंकी हमले की साजिश में शामिल होने के लिए उसे 24 जनवरी 2013 को अमेरिकी संघीय कोर्ट ने दोषी करार दिया था और 35 साल कैद की सजा सुनाई थी।