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ट्रंप ने भारतीय मूल के अटॉर्नी को निकाला

Sun, 12 Mar 2017 01:31 PM IST
बीबीसी
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भारतीय मूल के अमेरिकी अटॉर्नी प्रीत भरारा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आदेश मानने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने भरारा समेत 46 अटॉर्नी का इस्तीफा मांगा था। भरारा के इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद ट्रंप ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। शुक्रवार को अमरीका के न्याय विभाग ने प्रीत भरारा सहित 45 अन्य सरकारी वकीलों को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया।
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इन सबकी नियुक्ति पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुई थी। प्रीत भरारा ने ट्वीट कर अपनी बर्खास्तगी का विरोध किया है, "मैंने इस्तीफा नहीं दिया है। कुछ ही देर पहले मुझे हटाने के आदेश दिए गए हैं।" भरारा के मुताबिक नवंबर में जब वो डोनल्ड ट्रंप से मिले थे तब उन्हें अपने पद पर बने रहने को कहा गया था।
  I did not resign. Moments ago I was fired. Being the US Attorney in SDNY will forever be the greatest honor of my professional life. — Preet Bharara (@PreetBharara) March 11, 2017
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कौन हैं प्रीत भरारा?

प्रीत भरारा अमरीका में जाना पहचाना चेहरा हैं। 2013 में भारतीय राजनयिक देवयानी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए वे सुर्खियों में थे। प्रीत भरारा को वॉल स्ट्रीट बैंकर्स के खिलाफ और भ्रष्टाचार से जुड़े कई हाई प्रोफाइल मामलों में अहम भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। 

उन्होंने हेज फंड एसएसी कैपिटल एडवाइजर्स फर्म के खिलाफ 1.8 अरब डॉलर के जुर्माने का मुकदमा जीता था। ये मामला अपने आप में रिकॉर्ड है। प्रीत भरारा के माता-पिता पंजाब के फिरोजपुर जिले के हैं और जब भरारा केवल दो साल के थे तभी अपने परिवार के साथ अमरीका चले गए थे।

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चार साल पहले जिन 93 सरकारी वकीलों की नियुक्ति की थी उनमें से एक ये भी थे। उन्होंने भी राष्ट्रपति ओबामा की तरह कोलंबिया लॉ स्कूल और हॉर्वर्ड से कानून कि पढ़ाई की है।
प्रीत भरारा ने अपनी नियुक्ति के बाद जल्द ही ये साबित कर दिया कि वो बड़े या छोटे सभी अपराधियों के साथ एक ही जैसा सलूक करते हैं।
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बड़ी संख्या में लोगों को हटने पर सवाल उठ रहे हैं

प्रीत भरारा ने कई नए मामलों में भी अहम भूमिका निभाई। इसमें न्यूयॉर्क के मेयर बिल डे ब्लासियो के गलत तरीके से पैसा जुटाने का मामला और फॉक्स न्यूज पर इसके कर्मचारियों की ओर से लगाए गए यौन शोषण के आरोप की जांच पड़ताल का मामला शामिल है।

आम चलन है कि नया राष्ट्रपति पुराने राष्ट्रपति के नियुक्त किए गए लोगों को हटाकर नए सिरे से नियुक्ति करते हैं। लेकिन सवाल एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों को हटने के कहे जाने पर उठ रहे हैं। शनिवार को न्यूयॉर्क के अटार्नी जनरल एरिक शेडरमैन ने एक बयान में कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के 40 सरकारी वकीलों को हटाने के आदेश के बाद अमरीका में एक बार फिर अफरातफरी मच गई है।"
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