अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की जगह लेने के लिए सीनेटर जॉन कैरी को नामांकित किया है।
ओबामा ने कहा कि कैरी इस भूमिका के लिए पूरी तरह से तैयार है और उन्होंने पूरे विश्व के नेताओं से सम्मान और विश्वास अर्जित किया है।
जॉन कैरी 2004 में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे और वर्तमान में सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत सुसैन राइस के इस दौड़ से नाम वापस लेने के बाद उनका नाम उभरा था।
हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी ने सितम्बर में लीबिया के बेनगाज़ी में अमेरिका वाणिज्य दूतावास पर घातक हमले के बाद उनकी भूमिका की कड़ी आलोचना की थी।
प्रभावशाली सीनेटर
व्हाइट हाउस में बोलते हुए ओबामा ने कहा कि कैरी अमेरिकी सत्ता के सभी पहलुओं को समझते हैं और वो बेहद अनुभवी सीनेटर है, उन्हें इस पद के लिए प्रशिक्षण की जरूरत नही है। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सीनेट कैरी के नाम पर मुहर लगा देगी।
बराक ओबामा की इस घोषणा के समय हिलेरी क्लिंटन मौजूद नहीं थीं, क्योंकि वो अभी पेट के संक्रमण से पीड़ित हैं और स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं।
नवंबर में राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने के बाद 69 साल के कैरी वो पहले व्यक्ति हैं जिन्हें ओबामा ने मंत्रिमंडल में जगह दी है। राष्ट्रपति वर्तमान रक्षा मंत्री लियोन पनेटा की जगह एक नए रक्षा रक्षा मंत्री का भी चयन करेंगे।
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार
कैरी वियतनाम युद्ध के अनुभवी रहे हैं और 2004 में जार्ज डब्ल्यू बुश के खिलाफ़ राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ चुके हैं। 2008 में विदेश मंत्रालय के लिए भी वो दौड़ में थे, पर उस समय हिलेरी क्लिंटन ने बाज़ी मारी थी।
रिपब्लिकन सांसदों ने सुजैन राइस के नामांकन का विरोध करने की धमकी दे रखी थी।
बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता किम घटास का कहना है कि कैरी दुनिया के मामलों और कूटनीति को अच्छी तरह से समझते है।
बीबीसी संवाददाता का ये भी कहना है कि कैरी ओबामा प्रशासन में पाकिस्तान से लेकर अफगानिस्तान तक तमाम जगहों पर अनौपचारिक दूत के तौर पर काम कर चुके हैं।