आपकी
कुण्डली में कर्म भाव में राहु शनि की युति तथा इनका सप्तम भाव एवं सप्तमेश पर
प्रभाव आपके दोनों ही कार्यों में बाधक है। ग्रह शांति के लिए सात शनिवार सांयकाल
शनि मंदिर में एक पानी वाला नारियल व सात छिलका बाले बादाम चढ़ाएं।
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शनिवार से
प्रारंभकर नित्य दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें। ऐसा करने पर सितम्बर के बाद
नौकरी प्राप्ति में सफलता संभव है। सवा पांच रत्ती वजन का ओपल उपरत्न चांदी में
दाहिनी मध्यमा में शुक्रवार के दिन धारण करने पर इसी वर्ष आपके विवाह की संभावना बन
सकती है।