एफबीआई प्रमुख जेम्स कोमी को निकालने के पीछे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा जगजाहिर था। मामले ने तूल तब पकड़ा है लिया जब एक व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि कोमी ने ट्रंप की बात नहीं मानी। कहा गया कि ट्रंप के सहयोगियों ने कोमी से जानकारी सीनेट में पेश कर मांग की थी, जिसके लिए उन्होंने इंकार कर दिया।
बता दें हाल ही में सुरक्षा एजेंसी फेड्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के निदेशक जेम्स कोमी को उनके पद से हटा दिया गया था। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि कोमी वॉशिंगटन में सबका विश्वास खो चुके था। उन्होंने आगे कहा था कि जब चीजें ठीक होंगी तो कोमी इसके लिए मुझे खुद धन्यवाद कहेंगे।
ट्रंप ने कहा था कि उनकी जगह ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया जाएगा जो एफबीआई की प्रतिष्ठा को वापस ला सके।
इससे पहले जेम्स कोमी ने अपने सहकर्मियों को लिखे विदाई पत्र में कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन्हें किसी भी कारण या बिना किसी कारण से ही इस पद से हटाने का अधिकार है।
इस बाबत सदन के स्पीकर पॉल रेयान ने राष्ट्रपति के फैसले का पर कहा था कि कई रिपब्लिकन, डेमोक्रेट और न्याय मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी विश्वास खो चुके थे। एफबीआई के इस पद पर कोमी तीसरे साल अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जबकि इस पद पर 10 साल का कार्यकाल होता है। अचानक ही ट्रंप ने उन्हें पद से हटा दिया।