यहां चारों ओर ऐसी डरावनी गुड़िया लटकी हुई हैं जिनमें से कुछ के सिर पीछे की तरफ मुड़े हुए हैं, तो कुछ के केवल सिर लटके हुए हैं। इन गुड़ियों में कोई जली हुई है, कोई टूटी हुई है तो कोई गंदी है। इस जगह पर खाद की एक अजीब सी गंध आती है। ये कभी नीली आंखों से, तो कभी भूरी आंखों से तो कभी बिना आंखों के मौजूद लोगों को देखती हैं।