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क्या नंगे हो जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है?

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अमेरिकी शहर सैन फ्रांसिस्को में इन दिनों एक दिलचस्प मुद्दा गर्माया हुआ है। वहां के नागरिक संगठन और सरकार आमने-सामने हैं।
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बहस का मुद्दा सड़कों पर निर्वस्त्र होने से जुड़ा है। सवाल ये है कि क्या अमेरिकी संविधान लोगों को सड़कों पर नंगे उतरकर प्रदर्शन करने की इज़ाजत देगा?

सैन फ्रांसिस्को के कानून निर्माता जल्द ही इस बात पर फ़ैसला लेने वाले हैं जिसके जरिए सार्वजनिक जगहों पर निर्वस्त्र होने पर पाबंदी लग सकती है। लेकिन ये सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस कदम से निर्वस्त्र प्रदर्शनकारियों की अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता पर अंकुश नहीं लगेगा?

वैसे तो सैन फ्रांसिस्को काफी उदार शहर है। बावजूद इसके इस मसले ने एक बार फिर से अमेरिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अहमियत को हवा दे दी है।

अभिव्यक्ति पर अंकुश तो नहीं

सरकारी कोशिशों का विरोध करने वाले कहते हैं कि इसके जरिए उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर अंकुश लगाने की कोशिश हो रही है। इन लोगों का कहना है कि अमेरिकी संविधान में इस तरह का पहला संशोधन उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कम करने वाला है।
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लेकिन कानूनी मामलों के जानकारों का कहना है कि अदालत के पिछले आदेशों के मुताबिक निर्वस्त्र होना अपने आप में किसी तरह की अभिव्यक्ति नहीं है।

वर्जीनिया यूनिवर्सिटी के कानून विभाग के प्रोफेसर फ्रेडरिक शाउर ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सार्वजनिक जगहों पर निर्वस्त्र होने पर पाबंदी संवैधानिक है। ”

दरअसल ये पूरा मामला तब उठा जब शहर के कास्त्रो जिले के एक सार्वजनिक स्थल पर हर दिन निर्वस्त्र होने वाले लोगों की संख्या बढ़ती गई।  ये इलाका गे समुदाय के लोग के लिए मशहूर है।

अमेरिका के फर्स्ट एमेंडमेंट सेंटर के अध्यक्ष केन पॉलसन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हिमायती हैं और उनका मानना है कि कास्त्रो के निर्वस्त्र लोगों पर कानूनी अंकुश लगाना संभव नहीं होगा।

संविधान में होगा संशोधन?

पॉलसन ने कहा, “सार्वजनिक जगहों पर निर्वस्त्र होने पर अंकुश लगाने के लिए संविधान में पहला संशोधन ठीक नहीं है, क्योंकि निर्वस्त्र लोग किसी दूसरे से कुछ नहीं कहते। ”

हालांकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि नग्नता अपने आप में कोई अभिव्यक्ति नहीं हैं, हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि नग्नता अर्थपूर्ण नहीं होती।

न्यूयार्क विश्वविद्यालय में कानून विभाग के प्रोफेसर एमी एडलर ने कहा, “कास्त्रो में निर्वस्त्र होना यह बताता है कि आप समलैंगिक लोगों के अधिकारों का समर्थन करते हैं। ”

हालांकि एडलर ख़ुद ही मानती हैं कि उनकी ये दलील अदालत को स्वीकार नहीं होगी।

वैसे फ्रेडरिक शाउर कहते हैं, “सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक ही स्ट्रिप क्लबों में न्यूड डांसिंग अभिव्यक्ति का हिस्सा है। ”

हालांकि यह कहा जा रहा है कि अब सरकार इस तरह के कामुक नृत्यों पर भी अंकुश लगाने की तैयारी में है।

ओरेगोन जाने का विकल्प

दरअसल ऐसे प्रावधानों का समर्थन करने वालों की राय है कि इसके जरिए समाज में हिंसा के मामले को भी कम करने में मदद मिलेगी। इस तर्क के साथ सार्वजनिक जगहों पर निर्वस्त्र होने पर पाबंदी लगाई जा सकती है।

सैन फ्रांसिस्को के सुपरवाइज़र स्कॉट वाइनर, उन नीति निर्माताओं में शामिल हैं जिन्होंने सार्वजनिक जगह पर निर्वस्त्र होने पर पाबंदी लगाने का समर्थन किया है।

वाइनर के मुताबहिक, “कम से कम शहर में न्यूनतम स्तर का व्यवहार तो हमें रखना होगा, क्योंकि सार्वजनिक जगह तो हर किसी के लिए होती है। ”

वैसे एमी एडलर कहती हैं कि अगर निर्वस्त्र लोग अदालत में ये बताने में कामयाब होते हैं कि ये उनकी अभिव्यक्ति का हिस्सा है तो सरकार इस पर पाबंदी नहीं लगा पाएगी।
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ऐसा होता है तो कास्त्रो शहर के बाकी लोगों की मुश्किलें जरूर बनी रहेंगी।

हालाँकि निर्वस्त्र लोगों की टोली पाबंदी लगने के बाद दूसरे रास्ते पर भी विचार कर रही है। ये लोग अब ओरेगोन जा सकते हैं जहां सावर्जनिक जगहों पर निर्वस्त्र होना तब कानूनी है जब तक आपने इसे किसी को उकसाने के लिए नहीं किया हो।
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