साइबर सुरक्षा और खुफिया विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस हफ्ते फिर से प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में ईरान साइबर हमले कर सकता है। ट्रंप द्वारा 2015 के परमाणु करार से कदम वापस खींचे जाने के बाद मई से ही ईरान की तरफ से साइबर हमले किये जाने को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही थी।
विशेषज्ञों ने कहा कि खतरा कल और बढ़ गया जब अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ आर्थिक पाबंदियों को फिर से लागू कर दिया। ईरान ने अपनी साइबर क्षमताओं का इस्तेमाल आक्रामक उद्देश्यों के लिये किये जाने से इनकार करते हुए अमेरिका पर ईरान को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
रिकॉर्डेड फ्यूचर नाम की एक साइबर सुरक्षा कंपनी ने कहा कि उसने पिछले कुछ हफ्तों के दौरान ईरान की धमकी भरी गतिविधियों से जुड़ी बातचीत में इजाफा देखा है। अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय में पूर्व ईरान प्रबंधक नॉर्म रूल ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस बात की संभावना है कि ईरान साइबरस्पेस में प्रतिरोध दर्ज कराएगा।