अमेरिका की ओहायो स्टेट में 38 वर्षीय भारतीय इंजीनियर इब्राहिम जुबैर मोहम्मद ने अलकायदा के प्रमुख आतंकी की मदद करने का गुनाह कबूल कर लिया है। उसने आतंकी अनवर अल-औलाकी की 2009 में आर्थिक मदद की थी। जिसके बाद औलाकी 2011 के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया। इस मामले में कोर्ट ने मोहम्मद को पांच साल की सजा सुनाई है जिसमें से वह ढाई साल पूरे कर चुका है। इस समय वह लुकास की काउंटी जेल में बंद है।
अमेरिका की डिस्ट्रीक्ट जज जेफ्रे हेल्मिक ने फरमान दिया है कि मोहम्मद की सजा पूरी होते ही उसे देश से बाहर निकाल दिया जाएगा। वह 2006 से टोलेडो में रह रहा था। उसने अपनी पढ़ाई इलीनॉय यूनिवर्सिटी से पूरी की है। मोहम्मद के अलावा उसके भाई याहिया फारुख मोहम्मद (39) पर भी पिछले साल
आतंकियों की मदद करने का आरोप लगा था। जिसमें उसे 27.5 साल कैद की सजा सुनाई गई और सजा पूरी होते ही भारत छोड़ने को कहा गया। मोहम्मद के भाई के खिलाफ जज जैक जौहरी को मारने की कोशिश का एक अन्य मामला भी दर्ज है।