विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम
भारत के आर्थिक विकास में आई हालिया सुस्ती को विश्व बैंक ने महज भ्रम मानते हुए कहा है कि यह मुख्य रूप से जीएसटी की तैयारी को लेकर अस्थायी रूप से आई रुकावट से पनपी है। लिहाजा आने वाले कुछ ही महीनों में आर्थिक विकास रफ्तार पकड़ लेगा।
विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने भी माना है कि जीएसटी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की सालाना बैठक की तैयारी को लेकर पत्रकारों से बातचीत में किम ने कहा कि पहली तिमाही में विकास रफ्तार जरूर सुस्त पड़ी है लेकिन हम समझते हैं कि इसकी बड़ी वजह जीएसटी की तैयारी के लिए आने वाली अस्थायी रुकावटें ही हैं। आने वाले समय में अर्थव्यवस्था पर जीएसटी का बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है।
इस सालाना बैठक में अगले सप्ताह वित्त मंत्री अरुण जेटली भी भारतीय प्रतिनिधियों का नेतृत्व करेंगे। किम से पूछा गया था कि पहली तिमाही में भारत की विकास दर कम रहने का क्या कारण है जिसके लिए विपक्ष और कई अर्थशास्त्रियों ने नोटबंदी तथा जीएसटी को जिम्मेदार ठहराया है।
देश की जीडीपी विकास दर पिछली तिमाही के मुकाबले अप्रैल-जून में 5.7 फीसदी रही जबकि जनवरी-मार्च में यह 6.1 फीसदी की दर से बढ़ी थी। पिछले साल की इसी तिमाही में यह 7.9 फीसदी की दर से बढ़ रही थी। सवालों के जवाब में किम ने दावे के साथ कहा कि यह सुस्ती अस्थायी है। आने वाले महीनों में यह सुधर जाएगी और इस साल जीडीपी विकास दर भी स्थिर हो जाएगी।