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UN महासभा में भारत ने पाकिस्तान को किया बेनकाब, दिखाई आतंक की असली तस्वीर

Tue, 26 Sep 2017 03:09 AM IST
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
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Indian Diplomat Paulomi Tripathi - फोटो : ANI
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में फर्जी तस्वीर दिखाने वाले पाकिस्तान पर भारत ने जोरदार हमला बोला है। भारत ने कहा है कि पाकिस्तान इस फर्जी तस्वीर के जरिए संयुक्त राष्ट्र में झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसका असली चेहरा किसी से छिपा नहीं है।
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सोमवार को भारत ने लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की तस्वीर दुनिया को दिखाते हुए पाकिस्तान की हकीकत भी बताई। मालूम हो कि यूएन में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने एक घायल युवती की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया था कि यह कश्मीर में पैलेट गन के हमले का शिकार हुई है, जबकि वह तस्वीर फलस्तीनी युवती की थी।

यूएन में भारत के स्थायी मिशन में सबसे जूनियर राजनयिक पलोमी त्रिपाठी ने कहा कि पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि ने महासभा को फर्जी तस्वीर दिखाकर भ्रमित किया और भारत के खिलाफ झूठी कहानी गढ़ी। मलीहा लोधी के हमले पर भारत ने जवाब देने का अधिकार का इस्तेमाल करते हुए त्रिपाठी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि यह तस्वीर उस आतंकवाद का दर्द को बयां करती है, जो पाकिस्तान भारत में फैला रहा है।
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यह तस्वीर पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करती है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के कुलगाम में उमर फैयाज को मई में एक शादी समारोह से अगवा कर लिया गया था। पाकिस्तान की ओर से भेजे गए आतंकियों ने उन्हें बुरी तरह यातनाएं दीं और फिर उनकी हत्या कर दी। मालूम हो कि उमर फैयाज का बुरी तरह क्षत-विक्षत शव घर से करीब तीन किमी दूर पड़ा पाया गया था।

उमर दो राजपूताना राइफल में तैनात थे। पलोमी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उमर की यह असली तस्वीर है। फर्जी नहीं। यह तस्वीर दुखद हकीकत बयां करती है। यह तस्वीर बताती है कि पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद से भारत और खास तौर पर जम्मू-कश्मीर के लोग किस तरह पीड़ित हैं। यह वह हकीकत है जिसे पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि ने छिपाने की कोशिश की। लेकिन पाकिस्तान का असली चेहरा किसी से छिपा नहीं है। उमर फैयाज और युवती दोनों की तस्वीरों को दिखाते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ झूठे तथ्य गढ़ता रहा है।
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पाकिस्तान की हुई थी किरकिरी

Indian Diplomat Paulomi Tripathi - फोटो : ANI
पलोमी त्रिपाठी ने कहा कि लोधी ने अपने बयान से एक बार फिर इस तथ्य से ध्यान हटाने की कोशिश की कि पाकिस्तान अब वैश्विक आतंकवाद का गढ़ बन चुका है। पलोमी ने कहा कि फलस्तीनी युवती की यह तस्वीर 22 जुलाई 2014 को अमेरिकी फोटोग्राफर हीदी लिवाइन ने ली थी। यह तस्वीर 24 मार्च, 2015 को न्यूयॉर्क टाइम्स ने कनफ्लिक्ट, करेज और हीलिंग इन गाजा कैप्शन के साथ प्रकाशित की है।

मालूम हो कि रविवार को पाकिस्तान की उस समय जबरदस्त किरकिरी हुई थी, जब उसने यूएन में झूठ का सहारा लिया। मलीहा लोधी ने कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से कथित अत्याचारों का जिक्र करते हुए पैलेट गन से छलनी एक महिला की तस्वीर दिखाई लेकिन यह तस्वीर कश्मीरी नहीं बल्कि गाजा युद्ध में घायल 17 साल की फलस्तीनी युवती राव्या अबू जोमाआ की थी। 2014 में गाजा सिटी पर हुए इस्राइली हमले में उसका चेहरा बुरी तरह जख्मी हो गया था।

पाकिस्तान ने फिर साधा निशाना
पाकिस्तान की ओर से यूएन में पाकिस्तान के स्थायी मिशन के काउंसलर टीपू उस्मान ने कहा कि कश्मीरी आजादी चाहते हैं। वहां भारत क्रूरता कर रहा है। वे हमेशा इस अत्याचार के खिलाफ लड़ते रहेंगे। गोली पर गोली और पैलेट पर पैलेट झेलते रहेंगे। लेकिन हार नहीं मानेंगे।  
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