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अघोरी प्रथा पर बनी डॉक्युमेंट्री पर अमेरिका में बवाल, CNN के खिलाफ प्रदर्शन

Mon, 27 Mar 2017 04:32 PM IST
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल
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सांकेतिक चित्र
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अघोरियों के जीवन पर बनी एक डॉक्युमेंट्री पर अमेरिका में बवाल मचा है। अमेरिका में रह रहे भारतीय अमेरिकियों को इस डॉक्युमेंट्री से भारी भावनात्मक हानि पहुंची है। मसलन, भारतीय-अमेरिकियों ने समाचार चैनल सीएनएन के बाहर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों की मानें तो सीएनएन पर प्रसारित की गई अघोरियों की डॉक्युमेंट्री को हिंदुत्व से जोड़कर दिखाया गया। इससे हिंदुत्व के खिलाफ नाकारात्मक माहौल बनेगा। 
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समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक डॉक्युमेंट्री में कथित रूप से हिन्दुत्व की नकारात्मक छवि पेश करने के विरोध में बड़ी तादाद में भारतीय अमेरिकी नागरिकों ने शिकागो स्थित चैनल के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन में शामिल हुए स्थानीय भारतीय-अमेरिकी भारत बराई ने कहा, ‘‘सीएनएन की ओर प्रसारित डॉक्युमेंट्री में हिंदुत्व को नकारात्मक तरीके से दिखाया गया है। अब यह मामला हिंदुत्व का है।’’ 
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बता दें की हल्की बारिश के बावजूद सैकड़ों की तादात में भारतीय-अमेरिकी प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे।
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'अघोरी प्रथा हिंदू ग्रंथ की शिक्षाओं में नहीं'

रेजा असलान - फोटो : facebook
बराई ने आरोप लगाया कि चैनल के लिए हिंदुत्व पर डॉक्युमेंट्री स्पेशल रिपोर्टर रेजा असलान ने बनाई थी। डॉक्युमेंट्री में अघोरी प्रथा को दिखाया गया।  

प्रदर्शनकारियों को बांटे गए पत्र के अनुसार, ‘‘सीएनएन पर प्रसारित इस डॉक्युमेंट्री के जरिये दुनियाभर को हिंदुत्व की जो तस्वीर पेश की गयी वह उनकी, रेजा की खुदी की गढ़ी गई तस्वीर है।’’ 

बराई ने बताया कि पांच आदमियों की जो विकृत प्रथा डॉक्युमेंट्री में दिखाई गयी, उसे हिंदुत्व से नहीं जोड़ना चाहिए। ऐसी प्रथाएं किसी भी हिंदू ग्रंथ या हिंदू शिक्षाओं का हिस्सा नहीं हैं।
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डॉक्युमेंट्री पर प्रोड्यूसर की सफाई 

रेजा असलान - फोटो : facebook
बता दें कि विवादित डॉक्युमेंट्री पांच मार्च को पहली बार प्रसारित की गई थी। इसके बाद से अमेरिका में हिंदू समूहों ने न्यूयार्क, वॉशिंगटन, ह्यूस्टन, अटलांटा, सान फ्रांसिस्को और लॉस एंजिलिस समेत पूरे देश में सीएनएन के खिलाफ कई प्रदर्शन किए हैं।

शिकागो में किया गया विरोध प्रदर्शन अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन था।

सैन फ्रैंसिस्को यूनीवर्सिटी में मीडिया अध्ययन के प्रोफेसर वामसी जुलुरी ने सीएनएन पर प्रसारित की गई डॉक्युमेंट्री को 'विवेकहीन, नस्ली और खतरनाक प्रवासी-विरोधी’ बताया है।

वहीं डॉक्युमेंट्री के प्रोड्यूसर असलान ने फेसबुक पर अपनी एक पोस्ट के जरिए इस पर सफाई दी है कि उनकी डॉक्युमेंटरी हिन्दुत्व के बारे में नहीं है। यह अघोरियों के बारे में है। हिन्दुओं का यह पंथ अपने चरमपंथी रिवाजों के लिए जाना जाता है।
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