संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान की खिंचाई करते हुए कहा कि इस्लामाबाद अपनी मानसिकता में बदलाव कर अच्छे और बुरे आतंकियों में फर्क करना बंद करे। वहीं सुरक्षा परिषद सीमा पार आतंकवाद पर ध्यान केंद्रित करे। यूएन में यह बैठक अफगानिस्तान के मुद्दे पर आयोजित की गई थी।
भारत ने स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत का विजन स्पष्ट है। अफगानिस्तान को उसका स्थान वापस मिले। भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर अफगानिस्तान में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि लाना चाहता है। अकबरुद्दीन ने कहा, अफगानिस्तान में एक कहावत है, जब नीचे पानी गंदा होने लगे, तो उसे बार-बार छानने से बेहतर है कि ऊंचाई पर जाकर उसे साफ कर दिया जाए। अफगानिस्तान में सिर्फ शांति की बात काफी नहीं है। हमें अफगानिस्तान में आतंकवाद के कारण सीमा पार आतंकवाद की जड़ों को साफ करना होगा। अगर हम ऐसा करने में कामयाब हो गए तभी अफगानिस्तान में हालात बदलेंगे।
अकबरुद्दीन ने कहा, 24 दिसंबर, 2015 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफगानिस्तान में संसद भवन का उद्घाटन करने आए थे और लौटते समय पाकिस्तान भी गए। पर कुछ दिन बाद एक जनवरी, 2016 को ही आतंकवादियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला कर दिया। यह हमला योजना बनाकर किया गया। ऐसे हमले हर रोज अफगानिस्तान में होते हैं।