भारत ने पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकियों की सूची में शामिल कराने की राह में लगातार रोड़ा अटकाने के लिए चीन पर निशाना साधते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सहायक अंगों में ‘गुप्त वीटो’ के इस्तेमाल की आलोचना की है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि वह अध्यक्षों के इस सुझाव का स्वागत करते हैं कि इस बात की पहचान की जाए कि कैसे वीटो परिषद के काम और उसकी प्रभावशीलता पर असर डालता है। वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता में न्यायसंगत प्रतिनिधित्व के सवाल पर एक अनौपचारिक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि ‘गुप्त वीटो’ का इस्तेमाल ऐसी जगह करने से जहां पर ऐसा करने के लिए उसे नहीं बनाया गया था, परिषद के काम और उसकी प्रभाव क्षमता पर असर पड़ रहा है।
इस दौरान अकबरुद्दीन ने किसी भी देश का नाम तो नहीं लिया लेकिन साफ तौर पर उनका उनका इशारा चीन की ओर था क्योंकि यह सर्व विदित है कि जब भी पाकिस्तानी आतंकियों या आतंकी समूहों की बात आती है तो चीन अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल करता है।